कुरुक्षेत्र। जिले में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भीख मांगने वाले बच्चों का पुनर्वास किया जाएगा। सरकार ने अपने राज्य में अब बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। पुलिस, बाल संरक्षण, स्वास्थ्य, श्रम और सामाजिक कल्याण विभाग मिलकर भिक्षावृत्ति पर रोक लगाएंगे। इसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाल भिक्षावृत्ति के मूल कारणों को समाप्त करने और इसे जड़ से मिटाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया। जिला परिषद सीईओ शंभू राठी ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की ओर से आजीविका एवं उद्यम के लिए हाशिए पर पड़े व्यक्तियों के लिए सहायता (स्माइल) नामक योजना तैयार की गई है जिसमें उप योजना भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों को व्यापक पुनर्वास शामिल है। प्रदेश में सामाजिक न्याय अधिकारिता अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग द्वारा केंद्र सरकार की स्माइल योजना के तहत राज्य समर्थित बचाव और पुनर्वास पहल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति केवल गरीबी का परिणाम नहीं है। कई मामलों में यह एक संगठित आपराधिक पेशा बनकर उभरा है, जिसमें बच्चों को गिरोहों, मानव तस्करों या यहां तक कि रिश्तेदारों द्वारा पैसों के लिए सडक़ों पर भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है।