कुरुक्षेत्र। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल को फिर से धर्म-प्रचार कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है और इसी के साथ उन्हें कमेटी के कानूनी मसले देखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। ऑनलाइन उत्पाद बेचने वाली नामचीन कंपनी द्वारा श्री गुटका साहिब और अन्य गुरबाणी ग्रंथों की होम डिलीवरी करने पर आपत्ति जताई तथा लीगल नोटिस भेजने का फैसला लिया गया। सिख कौम की छवि को धूमिल कर रही अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रणौत की फिल्म इमरजेंसी पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी सरकार से की गई।
ये अहम निर्णय हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) का चयन होने के बाद पहली बैठक में लिए गए। यह बैठक शुक्रवार को प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध की अध्यक्षता में मुख्य कार्यालय में हुई, जिसमें आगामी कार्यकाल में गुरुद्वारे के प्रबंधन, धर्म-प्रचार सहित अन्य मुद्दों को लेकर रणनीति बनाई गई।
कमेटी के प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि पिछले कार्यकाल में जत्थेदार दादूवाल ने प्रदेश में बहुत अच्छे से धर्म-प्रचार की कमान संभाली थी, जिसे देखते हुए सर्वसम्मति से फिर से उन्हें धर्म-प्रचार चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेशभर के गुरु घरों की करीब 40 करोड़ रुपये की एफडी कराई गई है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को तनखैया घोषित करने का फैसला सिख कौम के हित में लिया गया है, जिसका पूरी कमेटी स्वागत करती है। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान सुदर्शन सिंह सहगल, कनिष्ठ उपप्रधान बीबी रविंदर कौर अजराना, महासचिव सुखविंदर सिंह मंडेबर, संयुक्त सचिव गुलाब सिंह मूनक, कार्यकारिणी समिति मैंबर जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, जत्थेदार जगसीर सिंह मांगेआना, परमजीत सिंह मक्कड़, टीपी सिंह, गुरप्रसाद सिंह व बीबी परमिंदर कौर जींद शामिल रही।
श्री गुटका साहिब की होम डिलीवरी करने वाली कंपनी को भेजा जाएगा नोटिस
धर्म प्रचार चेयरमैन जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि वह कमेटी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को वह बखूबी निभाएंगे। आने वाले समय में जिला जींद में भी धर्म प्रचार का सब ऑफिस स्थापित किया जाएगा। एक कंपनी द्वारा ऑनलाइन श्री गुटका साहिब या फिर अन्य गुरबाणी ग्रंथ को बेचने पर रोक के लिए कंपनी को नोटिस भेजा जाएगा। मर्यादा के मुताबिक गुरबाणी ग्रंथों की होम डिलीवरी नहीं की जा सकती है। कहा कि कंगना रणौत ने पहले भी सिख कौम एवं किसानों पर अभद्र टिप्पणियां की हैं। इमरजेंसी फिल्म के माध्यम से फिर से धर्म को ठेस पहुंचाने का काम किया जा रहा है, जिसे बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा।