सावन ने जाते-जाते पिछले दिनों की बची हुई कमी को भी पूरा कर दिया। सावन के आखिरी दिन बादल झमाझम बरसे। रविवार तड़के से ही बारिश की सिलसिला जारी था। आठ बजे के करीब बारिश बंद हुई, तो रक्षाबंधन के पर्व मनाने के लिए लोग वाहनों पर गंतव्य की ओर निकले। आसमान से बादल साफ हो चुके थे, लेकिन ठंडी हवाएं लगातार चल रहीं थी, जिस वजह से गर्मी से काफी राहत रही। साढ़े 10 बजे अचानक से फिर आसमान में बादलों ने घेरा डाला और करीब 30 मिनट बदरा झमाझम बरसे। इस दौरान दोपहिया वाहनों पर सफर कर रहे लोग पूरी तरह से भीग गए। पिपली फ्लाइओवर के नीचे लोग खड़े बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। इसी प्रकार दोपहर करीब एक बजे फिर से आसमान काला हो गया और बचा हुआ मानसून भी बरस गया। इस प्रकार जिले में औसतन 25 एमएम बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश थानेसर-पिहोवा में 28-28 और सबसे कम शाहाबाद में 20 एमएम दर्ज की गई। दो दिन से हो रही बारिश ने मौसम को पलटकर रख दिया है। कई दिनों से सता रही गर्मी का दो दिन से नामोनिशान नहीं है। अधिकतम तापमान भी लुढ़क कर 28 से 30 डिग्री सेल्सियस पर अटका हुआ है। इस बार मानसून बेशक देरी से आया था, लेकिन शुरुआती दिनों में लगातार भारी बारिश से लोगों के घरों व दुकानों में भी पानी घुस गया था। शहर की सड़कें भी नदी की बहती नजर आई थी। अंतिम दौर में मानसून फीका पड़ जाने से करीब 13 दिन गर्मी से खूब सताया था, लेकिन सावन के अंतिम दो दिन काफी राहत भरे रहे।
यहां हुई इतनी बारिश
थानेसर -28 एमएम
पिहोवा-28 एमएम
शाहाबाद-20 एमएम
लाडवा-23 एमएम
इस्माईलाबाद-27 एमएम
बाबैन-24 एमएम
जिले में औसतन- 25 एमएम