कुरुक्षेत्र। शादी के बाद मां बनना हर महिला का सपना होता है, लेकिन स्वास्थ्य की खराबी और जीवनशैली के चलते कई महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही हालात का सामना कर रही थी करनाल में इंद्री क्षेत्र के गांव जोहड़ माजरा की रहने वाली रेनू, जिसकी शादी के चार साल बाद भी मां बनने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई। वह फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज की समस्या से पीड़ित थी, जिसकी वजह से गर्भधारण में परेशानी आ रही थी। तीन महीने तक चली आयुर्वेदिक चिकित्सा से बिना सर्जरी के गर्भाशय की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज का सफल इलाज किया गया है।
श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनीति तंवर के मुताबिक वर्ष 2021 में एक डॉक्टर ने रेनू को टेस्ट ट्यूब बेबी की सलाह दी। इसके बाद फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज का पता चला, लेकिन वह उस समय हैरान रह गईं जब निजी अस्पतालों के चिकित्सकों द्वारा उसे ऑपरेशन की सलाह दी गई।
साथ ही इस पर करीब एक लाख रुपये खर्च बताया गया था। इसके बावजूद ठीक होने की गारंटी नहीं थी। ऐसे में वह यहां आयुर्वेदिक अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में पहुंची तो यहां तीन महीने चलाए गए उपचार और थेरेपी के बाद बिना सर्जरी के ही सभी रिपोर्ट नार्मल आई है, जिसके बाद अब रेनू के मां बनने का सपना पूरा हो सकेगा। दूसरी ओर रेनू ने सफल इलाज पर आयुर्वेदिक चिकित्सकों का आभार जताया है।
फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज से गर्भधारण में आती है समस्या : डॉ. तंवर
आयुर्वेदिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीति तंवर ने बताया कि फैलोपियन ट्यूब में ऐसी दो नलियां होती हैं जो गर्भाशय में जाकर मिलती हैं, अगर किन्हीं कारणों से इन नलिकाओं में बाधा आती है, तो ऐसी स्थिति में माता-पिता को संतान सुख की प्राप्ति नहीं होती। उन्होंने बताया कि ट्यूब ब्लॉकेज की मुख्य वजह सूजन, सर्जरी, इन्फेक्शन, हार्मोन की गड़बड़ी या किसी कारणवश गर्भपात भी हो सकता है। अगर सही समय पर सही तरीकों से समस्या को पहचान लिया जाए तो बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।
उत्तर बस्ती उपचार से हो पाया संभव
डॉ. सुनीति बताती हैं कि आयुर्वेद में उत्तरबस्ती नामक उपचार पद्धति बेहद लाभकारी है। आयुर्वेद में बिना किसी चीर-फाड़ के इस विधि से फैलोपियन ट्यूब को ठीक किया जा सकता है। इलाज के दौरान आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का सेवन कराया जाता है।