कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद द्वारा विश्व संगीत दिवस के अवसर पर कला कीर्ति भवन में रागनी और सारंगीवादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि निदेशक नागेंद्र शर्मा रहे। उन्होंने कहा कि संगीत का जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बिना जीवन अधूरा माना जाता है। संगीत न केवल मनोरंजन का साधन माना जाता है, बल्कि संगीत से जीवन रंगीन और आनंदमय बनता है। भारतीय संगीत विविधता में बहुत धनी है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, पॉप म्यूजिक, फिल्मी संगीत शामिल हैं।
कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति सारंगीवादन की रही, जिसमें भिवानी से लोकगायक इंद्र सिंह लांबा की पूरी टीम ने सारंगी पर विभिन्न धुनों सुनाकर लोगों का मनोरंजन किया। कलाकारों ने सारंगी के इतिहास के बारे में भी श्रोताओं को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सारंगी 600 साल पुराना साज है, जिसे लोक कलाकार सहेजकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी प्रस्तुति में कलाकारों ने रागनी प्रस्तुत करते हुए वाहवाही बटोरी। मैं भरण गई थी नीर राम की सूं, जमना जी के तीर राम की सूं रागनी सुनकर दर्शकों ने तालियां बजाई।
हरियाणा कला परिषद की ओर से कलाकारों को सम्मानित किया गया। प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में प्रेमचंद, हरिकेश, राजेंद्र, इंद्र किठाना, कृष्ण कुमार, पवन कुमार, सन्नी लांबा सहित अन्य कलाकार शामिल रहे। इस दौरान साहित्यकार एवं हिफा सदस्य चंद्रशेखर शर्मा, लोक कलाकार मनोज जाले, रंगकर्मी शिवकुमार किरमच सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।