वर्क परमिट पर साउथ कोरिया भेजने के नाम पर 6.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सचिन वासी निवारसी को रिमांड पर लेकर कब्जे से एक हजार रुपये बरामद करके जेल भेज दिया है। डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि 29 सितंबर को पुलिस को दी अपनी शिकायत में कुलदीप सिंह वासी मरचेहडी ने कहा उसका बेटा रमनजीत व पुत्रवधू विदेश जाना चाहते थे। अमरजीत वासी भुखडी हाल वासी निवारसी व उसके बेटे सचिन ने 10 लाख रुपये में दोनों को वर्क परमिट पर साउथ कोरिया भेजने का आश्वासन दिया था। आरोपियों ने छह लाख तीस हजार रुपये एडवांस देने तथा बकाया रकम पहुंचने पर देने की मांग की थी। सहमति होने पर उन्होंने दोनों के पासपोर्ट व अन्य वीजा लगवाने के लिए दिए थे। उसने 28 अप्रैल 2019 को छह लाख तीस हजार रुपये अमरजीत को दिए थे। 30 अप्रैल को आरोपी ने वीजा लगने की बात कहकर उन दोनों को दिल्ली बुला लिया था। वहां जाकर उन्हें पता चला कि उनका वीजा थाईलैंड का है, जिस पर आरोपी ने कहा कि थाईलैंड, कंबोडिया से साउथ कोरिया भेजा जाएगा। थाईलैंड पहुंचने के बाद आरोपियों ने उनको कंबोडिया भेजा, मगर 17 मई वापस थाईलैंड भेज दिया था। जब आरोपियों ने बातचीत की तो उन्होंने फोन उठाने बंद कर दिए थे। 22 मई उसका बेटा व पुत्रवधू वापस भारत आ गए थे। इसके बाद आरोपी ने 6 अगस्त को कोलकाता से थाईलैंड पहुंचाया, मगर इस बार भी उनको भारत वापस आना पड़ा था। पैसे की मांग करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत पर मामला दर्ज करके बाबैन पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी अमरजीत को गिरफ्तार करके कब्जे से 50 हजार रुपये बरामद किए थे तथा आरोपी को जेल भेज दिया था। अब इस मामले में पुलिस ने आरोपी के बेटे सचिन को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर एक दिन के रिमांड पर लिया था तथा कब्जे से एक हजार रुपये बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपी को दोबारा अदालत में पेश करके अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है।