पिपली। अनाजमंडी में एक दिन खरीद और आवक बंद रहने के बाद भी हालात सुधरे नहीं हैं। आलम ये है कि पिपली मंडी गेहूं से अटी हुई है। उठान का कार्य धीमा होने के चलते मंडी में अव्यवस्था का आलम है, जिसका खामियाजा आढ़ती व किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कई आढ़तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें उठान के लिए नजराना देने के लिए विवश होना पड़ रहा हैै। उनका आरोप है कि उठान में मनमर्जी की जा रही है।
दूसरी ओर, पिपली मार्केट कमेटी के सचिव पवन कुमार ने मंडी में नजराना के आरोपों को नकारते हुए कहा कि मंडी में ऐसा कुछ नहीं है। मंडी से उठान सुचारु रूप से हो रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक 53 प्रतिशत उठान हो चुका है।