संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। फसल अवशेष में आग लगाने के मामले अभी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। फसल अवशेष जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जिससे वायु प्रदूषण बढ़ गया है। शनिवार को एक्यूआई बढ़कर 154 तक पहुंच गया है, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। उधर इस तरह की बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन भी सख्त हो गया है।
फसल अवशेषों में आग लगाए जाने के अभी तक 71 के करीब मामले सामने आ चुके है, जिसमें से अब तक 37 किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है, जबकि फसल अवशेष में आग न लगाने और पराली प्रबंधन को अपनाने के लिए गांव-गांव जाकर कृषि विभाग की टीमें जागरूक भी कर रही हैं, लेकिन फिर भी यह प्रयास न काफी नजर आने लगे हैं। वायु प्रदूषण का स्तर इस तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में जहां बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए समस्या पैदा करेगा तो वहीं स्वस्थ व्यक्ति भी बीमारी का शिकार हो सकते हैं।
पराली प्रबंधन के लिए गांवों में उतारी गई टीमें : डॉ. कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि अब तक 37 किसानों को फसल अवशेष में आग लगाए जाने के चलते जुर्माना किया जा चुका है। जबकि जिले भर के 403 गांवों में टीमें भी उतारी गई है जो कि किसानों को जागरूक भी कर रही हैं और पराली प्रबंधन के फायदे भी बता रही है। पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
यह रहा वायु प्रदूषण का स्तर
शनिवार-154
शुक्रवार-138