लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में उपचाराधीन एक मरीज की सोमवार देर शाम मौत हो गई, जिससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। साथ ही ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर गलत उपचार देने का आरोप लगाया। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए आरोपी चिकित्सक मौके से फरार हो गये। सूचना पाकर थाना केयूके पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया मगर परिजन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। परिजनों ने चिकित्सक पर कार्रवाई न होने तक शव लेने से भी इनकार कर दिया है। मृतक की शिनाख्त धर्मपाल (47) निवासी झिमरेहड़ी के रूप में हुई। वह ड्राइवरी करता था।
मृतक के बेटे मोहन लाल ने बताया कि उसके पिता धर्मपाल को सोमवार की सुबह अस्पताल में दाखिल कराया गया था। यहां के चिकित्सकों ने उनके लीवर में संक्रमण बताया था। शाम करीब सात बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें आपातकालीन वार्ड में दाखिल किया गया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उसने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक अन्य धर्मपाल (30) भर्ती है, जिसको पीलिया की बीमारी है। यही कारण है कि लापरवाही में चिकित्सक ने उसके पिता को गलत दवा दे दी, जिससे उनकी तबीयत और खराब हो गई। फिर उन्हें आनन-फानन में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया मगर कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। बताया कि चिकित्सक ने उसके चाचा को उसके पिता के उपचार वाली पर्ची दी तो वे हैरान हो गए, क्योंकि यह पर्ची उसके पिता की नहीं थी, बल्कि किसी अन्य धर्मपाल की थी, जिसकी उम्र 30 साल है। आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही से ही उसके पिता की जान गई है। परिजनों ने पुलिस को चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए शिकायत दी है। साथ ही कार्रवाई होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। यही नहीं चिकित्सक पर कार्रवाई न होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी गई है। थाना केयूके से मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक नरेश ने बताया कि पुलिस को परिजनों की ओर से शिकायत मिली है। चिकित्सक पर गलत उपचार और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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लीवर में था संक्रमण और डाक्टर ने बता दिया पीलिया!
बलजीत सिंह ने बताया कि चिकित्सक ने उसके भाई की तबीयत बिगड़ने का कारण सिर में पीलिया को बताया, जिससे उसका माथा ठनक गया। इस पर उसने चिकित्सक को बताया कि उसके भाई के लीवर में संक्रमण हैं, उसे कोई पीलिया नहीं है। यह सुनकर चिकित्सक घबरा गया, मगर तब तक उसके भाई की मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद चिकित्सक मौके से फरार हो गया।
अस्पताल प्रबंधन भी करेगा जांच
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अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. साराह अग्रवाल ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी। अगर इस मामले में चिकित्सक की लापरवाही सामने आई तो उन पर कार्रवाई होगी। उस मरीज की नाजुक हालत के चलते उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था, मगर उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।