कुरुक्षेत्र। भगवान श्रीकृष्ण ने करीब पांच हजार साल पहले गीता का अमर संदेश कुरुक्षेत्र की धरा पर महाभारत युद्ध के दौरान दिया था। अब दुनिया भी इसका मर्म जान चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को गीता भेंट कर चुके हैं। कनाडा, लंदन, ऑस्ट्रेलिया के बाद अब श्रीलंका में गीता महोत्सव की धूम होगी। साथ ही कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व प्रदेश सरकार की ओर से वहां की संसद को पवित्र गीता भेंट की जाएगी।
मार्च माह के पहले सप्ताह में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका में गीता महोत्सव की तैयारी है, जिसके सभी मुख्य आयोजन राजधानी कोलंबो में होंगे। इसके लिए वहां के सांस्कृतिक मंत्री विदुरा विक्रमनायके ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने ने भी खास रुचि दिखाई है। अब इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान कोलंबो में दो से तीन दिन तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। गीता सेमिनार से लेकर शोभायात्रा, प्रदर्शनी, गीता पाठ व गीता यज्ञ का भी आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में वहां की सरकार के साथ-साथ सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं की भी अहम भागीदारी रहेगी। केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल के मुताबिक महोत्सव के आयोजन को लेकर कमान खुद श्रीलंका के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री विदुरा विक्रमनायके ने संभाली है और कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विदित हो कि वर्ष 2016 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव मॉरिशस में मनाया गया था, जिसके बाद अब तक कनाडा, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में भी यह महोत्सव मनाया जा चुका है। इसके अलावा कई अन्य देश अपने यहां गीता महोत्सव मनाए जाने का प्रस्ताव दे चुके हैं।
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महोत्सव की रुपरेखा तैयार कर श्रीलंका से लौटी केडीबी टीम
श्रीलंका में मार्च माह के प्रथम सप्ताह में मनाए जा रहे गीता महोत्सव को लेकर प्रारंभिक तौर पर खाका तैयार किया जा चुका है, जिसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव, 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन एमएम छाबड़ा और केडीबी सीईओ अखिल पिलानी की टीम श्रीलंका पहुंची थी, जहां से टीम बीते रविवार को ही लौटी है।
धर्मनगरी में महोत्सव का कंट्री पार्टनर रह चुका श्रीलंका
हाल ही में पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सात से 24 दिसंबर तक आयोजित किया गया था, जिसमें श्रीलंका कंट्री पार्टनर रहा था। 22 दिसंबर को श्रीलंका के पर्यटन मंत्री विदुरा विक्रमनायके भी प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां पहुंचे थे। यहां वे न केवल आयोजन व कुरुक्षेत्र की धरा को देख अभिभूत हो उठे थे बल्कि हरियाणवी संस्कृति के भी कायल दिखे थे। उन्होंने उसी दौरान ही प्रदेश सरकार के समक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव श्रीलंका में किए जाने का प्रस्ताव रखा था।
श्रीलंका के प्रधानमंत्री भी उत्सुक, भेंट की जाएगी गीता : सिंघल
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर वहां के सांस्कृतिक मंत्री विदुरा विक्रमनायके ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने भी विशेष उत्साहित हैं। वहां की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से भी महोत्सव के संबंध में चर्चा हो चुकी है। सभी कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी गई है। महोत्सव के दौरान श्रीलंका की संसद में गीता विशेष तौर पर भेंट की जाएगी।