कुरुक्षेत्र। जिले के कॉलेजों में दाखिलों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद में यूजी की 615 सीटों पर दाखिलों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। कॉलेज में बीए में 240, बीएससी इन लाइफ साइंस में 35, बीएससी इन फिजिकल साइंस में 120, बीसीए में 60, बीएससी फैशन डिजाइनिंग में 40, बीकॉम जरनल में 60 और बीकॉम कंप्यूटर एप्लीकेशन में 60 सीटें उपलब्ध हैं, इन कोर्साें के लिए छात्राएं 25 तक आवेदन भर सकती हैं।
जानकारी के अनुसार दाखिलों के लिए जहां विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दे रहा है तो वहीं कॉलेजों की ओर से भी सभी सीटों में दाखिले कराने को लेकर पूरा प्रयास किया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क भी लगाए गए हैं, जिसमें विद्यार्थियों को कोर्स और विषय की जानकारी दी जा रही है।
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यूजी में 615 और पीजी कोर्सों में 205 सीटें उपलब्ध : प्रो. आरती
कॉलेज प्राचार्य प्रो. आरती त्रेहन का कहना है कि कॉलेज में बीसीए का प्रोफेशनल कोर्स कराया जा रहा है और सभी अन्य कोर्स रोजगारपरक है, जिनमें शिक्षा लेकर छात्राएं स्वरोजगार सहित सरकारी व निजी क्षेत्रों में कार्य कर सकती हैं। यूजी में 615 सीटों पर और पीजी पांच कोर्सों में 205 सीटें उपलब्ध हैं। इसमें एमए फाइन आर्ट्स में 15, एमए इकोनॉमिक्स में 30, एमए हिंदी में 30, एमएससी कंप्यूटर साइंस में 30 एमकाम में 50 और एमएससी मैथेमेटिक्स में 50 सीटें उपलब्ध हैं।
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विधि (लॉ) की शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों के लिए इन क्षेत्रा में हैं कॅरिअर के अवसर
विधि संस्थान की निदेशक प्रो. सुशीला चौहान का कहना है कि विधि का क्षेत्र विस्तृत और विविधतापूर्ण है। इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों को ये समझना आवश्यक है कि भारत का विधि प्रणाली विश्व की सबसे पुरानी और समृद्ध विधि प्रणालियों में से एक है। विधि की पढ़ाई से छात्र तर्कशक्ति, विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान के कौशल में निपुण हो जाते हैं। विद्यार्थी 12 वीं कक्षा के बाद एलएलबी पांच वर्षीय कर सकता है और बीए या अन्य संकाय में स्नातक करने वाला विद्यार्थी दो वर्षीय एलएलबी कर सकता है, जिसमें दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। इसके बाद एलएलएम कर कॉलेज व विश्वविद्यालय में शिक्षक के तौर पर सेवाएं दे सकता है और पीएचडी भी कर सकता है। इसी के साथ कई तरह के डिप्लोमा कोर्स है, जिन्हें विद्यार्थी अपने रुझान के मुताबिक विषय में कर सकते हैं। विधि की शिक्षा लेने के बाद विद्यार्थी वकील, न्यायाधीश, कानूनी सलाहकार, कंपनी सेक्रेटरी, सरकारी अभियोजक के रूप में कार्य कर सकते हैं और विधि विशेषज्ञ के तौर पर विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विधि के छात्रों के लिए मीडिया, राजनीति, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी पर्याप्त अवसर होते हैं। विधि विशेषज्ञ सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम कर सकते हैं। ये क्षेत्र न केवल व्यक्तिगत करियर की दृष्टि से बल्कि समाज सेवा की दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है।