- जमीन अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने से किसानों में है नाराजगी
- जमकर की नारेबाजी, पहले भी सिक्स लेन हाईवे का किसानों ने मुआवजे की मांग के लिए रुकवाया था निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। हिसार-अंबाला नेशनल सिक्स लेन हाईवे में आई जमीन का मुआवजा न मिल पाने के चलते किसानों का गुस्सा नहीं थम रहा है। किए वादे के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी किसानों का मुआवजा जारी नहीं करवा पाए, जिसके चलते बुधवार को किसान फिर भड़क गए और निर्माणाधीन हाईवे पर ही धरना शुरू कर दिया। किसानों ने जमकर नारेबाजी की तो बाद में एक प्रतिनिधिमंडल को जिला उपायुक्त दरबार भी ले जाया गया। यहां भी उन्हें जून माह तक मुआवजा जारी किए जाने का कार्य निपटाने का भरोसा मिला।
मुआवजा न मिलने से खफा किसान सुबह ही गांव अजरावर के निकट निर्माणाधीन हाईवे पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामले की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राधेश्याम, थाना प्रभारी विक्रांत व अन्य हाईवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें मनाने का प्रयास किया। किसानों को जिला उपायुक्त के पास भी ले जाया गया। बता दें कि मुआवजा न मिलने से खफा किसानों ने नौ फरवरी को निर्माणाधीन सिक्स लेन हाईवे का कार्य रुकवाकर प्रदर्शन किया था। उस समय तहसीलदार पिहोवा प्रियंका व नेशनल हाईवे के एसडीओ आशीष शर्मा ने किसानों को 10 दिन के भीतर अधिग्रहण की गई जमीन के रुपये किसानों के खातों में डालने की बात कही थी लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों की समस्या का कोई हल नहीं निकला।
किसान प्रिंस वडैच, गुरनाम सिंह चम्मूकलां सहित किसान यूनियन के सदस्यों ने बताया कि सरकार ने 2014 में सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की थी। जिसका किसानों को मात्र 30 प्रतिशत ही मुआवजा दिया गया जबकि अंबाला व कैथल जिले के किसानों को सारा मुआवजा दिया जा चुका है। केवल कुरुक्षेत्र जिले के किसानों को ही मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों की भूमि के 70 प्रतिशत मुआवजे के करीब 56 करोड़ रुपये बकाया पड़े हैं। सरकार ने 11 गांवों जिनमें पिहोवा, अस्मानपुर, भेरियां, गुमथला गढू, थाना, धनीपुरा, टिकरी, मलिकपुर, गंगेहड़ी, अजरावर, ठोल के किसानों का बकाया नहीं दिया है जबकि अब सिक्स लेन का कार्य भी लगातार चल रहा है। इसको लेकर किसानों ने सुबह इकट्ठे होकर गांव अजरावर के निकट धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने नौ फरवरी को किसानों से 10 दिन का समय मांगा था लेकिन करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। जिससे किसानों में खासा रोष है। इस मौके पर कृष्ण कलाल माजरा, जरनैल सिंह मल्ली, ज्ञानसिंह सैनी, हरमन, कृष्ण भाट आदि मौजूद रहे। उधर, नायब तहसीलदार राधेश्याम का कहना है कि किसानों की बातचीत सीधे जिला उपायुक्त से कराई गई और जल्द ही उनकी मांग का समाधान हो जाएगा।