गत दिनों राज्य मंत्री कमलेश ढांडा के जिला कष्ट निवारण कमेटी की बैठक में पहुंचने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में जख्मी हुए किसानों की सुध न लेने पर किसानों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने पुलिस पर मारपीट करने, जख्मी किसानों को घंटों हिरासत में रखने, इलाज न कराने के आरोप लगाकर मामले की जांच के लिए थाना केयूके में शिकायत दी है। किसानों ने मामले में जांच न और आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी भी है। इसके लिए किसानों ने पुलिस प्रशासन को 15 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। किसान यूनियन के जिला प्रचार मंत्री अमरीक सिंह ने बताया कि गत सप्ताह शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण कमेटी की बैठक के लिए राज्यमंत्री कमलेश ढांडा आई थी। उस समय किसान संवैधानिक हक के अनुसार आवाज उठा रहे थे। किसान संघर्ष मोर्चा की तरफ से भी ऐलान था कि कोई मंत्री, विधायक एवं सांसद आता है तो उसका विरोध किया जाएगा। जब राज्य मंत्री कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंची थी तो किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से ही काले झंडे दिखाए थे। आरोप है कि उस समय किसान देवेंद्र को जबरदस्ती पुलिस कर्मचारियों ने पकड़कर डंडों से हमला कर दिया था। एक पुलिस कर्मचारी ने उसकी बाजू पकड़कर मरोड़ दिया तथा मारपीट करके बुरी तहर से जख्मी कर दिया था। इससे किसान देवेंद्र के कंधे में फ्रैक्चर आ गया। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस ने किसान देवेंद्र को घंटों हिरासत में रखा। इस दौरान किसान देवेंद्र का मेडिकल भी नहीं कराया गया और न ही उनकी मरहम पट्टी करके इलाज कराया गया। किसानों ने मामले की जांच करके मारपीट में शामिल कर्मियों के खिलाफ केयूके थाना में शिकायत दी है। किसानों ने चेतावनी दी कि पुलिस ने अगर आरोपी पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई नहीं की तो 15 जुलाई के अल्टीमेटम के बाद किसान बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं घायल किसान देवेंद्र सिंह ने बताया कि वह किसान संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने पहुंचे थे। इस दौरान राज्यमंत्री के कमांडों और पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया था। हालांकि कमांडों ने उन्हें एक तरफ कर दिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस कर्मचारियों ने अचानक ही उन पर हमला करके जख्मी कर दिया था। आरोप है कि पुलिस ने उनको तीन घंटे तक हिरासत में रखा था। इस दौरान उन्होंने पुलिस कर्मियों से उपचार कराने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उनका उपचार नहीं कराया गया। उधर, मामले को लेकर केयूके थाना प्रभारी मांगे राम ने बताया कि किसानों से शिकायत मिली है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।