कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 14 अक्तूबर से शुरू होगा। यह सम्मेलन कुवि के इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज व विदेश मंत्रालय के इंडो-पैसिफिक डिवीजन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया भर के शिक्षाविद विचार साझा करेंगे। इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना के उप-नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती मुख्य अतिथि होंगे।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के लिए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में 10 अक्तूबर को कमेटी रूम में दोपहर तीन बजकर 30 मिनट पर बैठक होगी, जिसमें कुलपति सभी तैयारियों का जायजा लेंगे साथ ही बैठक में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल संचालन के लिए आवश्यक संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। कुवि के इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज के निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे, जिसमें सासाकावा पीस फाउंडेशन टोक्यो, जापान के अध्यक्ष हाइड सकागुची, दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रो. अनिल सूकलाल, एम्बेसडर जीन-क्लाउड ब्रूनेट, आईओआरए के पूर्व महासचिव डॉ. नोमवुयो नोक्वे, इंडो-पैसिफिक प्रोग्राम के निदेशक डॉ. शिहोको गोटो सहित अन्य शामिल होंगे।
अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. अशोक चौहान ने बताया कि नार्वे से वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. क्रिस्टीन, केपटाउन दक्षिण अफ्रीका के महासागर लेखा और गवर्नेंस विशेषज्ञ सलाहकार प्रो. केन फिण्डले, मॉरीशस की उच्च शिक्षा आयुक्त प्रो. रोमिला मोही, फिजी विश्वविद्यालय से डॉ. जैक डायर, टोक्यो जापान से डॉ. इमादुल इस्लाम व ब्राजील के रियो डी जेनेरो विश्वविद्यालय से महासागर अर्थशास्त्र के अनुसंधान केंद्र के समन्वयक प्रो. एलेक्जेंडर फ्रीटास शामिल होंगे।
प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होने से बचाई जा सकती है पीड़ित की जान
कुरुक्षेत्र। जीवन रक्षा के लिए प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण जरूरी है। यदि कोई आकस्मिक घटना हो जाती है तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। इसलिए प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण सभी को लेना चाहिए। उक्त विचार यूथ रेडक्रॉस के फील्ड कोऑर्डिनेटर डॉ. संतोष कुमार ने बुधवार को कुवि के भूगोल विभाग में विद्यार्थियों हेतु प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के अभाव में दुर्घटना होने पर भी लोग चाहते हुए पीड़ित व्यक्ति की मदद नहीं कर पाते। प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान होने पर पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। विभागाध्यक्ष प्रो. सत्य प्रकाश कौशिक ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी को सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर स्वस्थ समाज के निर्माण में अच्छे नागरिक होने की भूमिका निभानी चाहिए। विभाग के शिक्षक डॉ. रविन्द्र जांगड़ा ने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण इसलिए आवश्यक है, ताकि समाज में मानव सेवा के प्रति विद्यार्थियों के मन में सेवा भावना जागृत की जा सकती है।
विद्यार्थियों को स्वच्छता की अहमियत की दी जानकारियां
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता की अहमियत एवं उसके लिए किए जाने वाले भरसक प्रयास की जानकारियां विद्यार्थियों को दी गईं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति ध्यान केंद्रित करना था। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक की प्रो. सोनिया मलिक ने मानसिक स्वच्छता की भूमिका का विश्लेषण किया और स्वच्छता पर अपने विचार साझा किए। विधि संस्थान के पूर्व छात्र एवं स्वच्छता संबंधी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सुशील ने विद्यार्थियों को स्वच्छता कार्यक्रम का अभिन्न अंग बनने की प्रेरणा दी। संस्थान की निदेशिका प्रो. सुशीला चौहान ने विद्यार्थियों को घर के साथ-साथ अपने आसपास के वातावरण को भी स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम संयोजिका डॉ. मनजिंदर गुल्यानी ने बताया कि किस प्रकार हमारे बाहर की स्वच्छता की शुरुआत अंदरूनी स्वच्छ विचारों से होती है। कार्यक्रम के अंतर्गत विधि संस्थान एवं रोज गार्डन में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान विधि संस्थान में वृक्षारोपित पौधों की सिंचाई भी की गई। इस मौके पर डॉ. तृप्ति, डॉ. जे के भारद्वाज, डॉ. पूनम, डॉ. कृष्णा अग्रवाल, डॉ. शालू डॉ. संतलाल, डॉ. अमित कंबोज, डॉ. मोनिका डॉ. नीरज, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. जापान, डॉ जतिन, डॉ. सुमित सहित अन्य मौजूद रहे।