लाडवा। आरती में भाग लेते श्रद्धालु आरडी अरोड़ा एवं परिजन। संवाद
लाडवा। बाबा बंसीवाला वृद्धाश्रम में श्रीराम कथा के छठे दिन भगवान श्रीराम के वन गमन (वनवास), केवट प्रसंग और सीता-राम की मार्मिक विदाई का वर्णन किया गया। सिहोर मध्यप्रदेश के कथावाचक पंडित अनिल पराशर ने कहा कि राम जी की कथा में प्रत्येक रिश्ते की ओर से त्याग, धर्मनिष्ठा और भक्ति के सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं। रामचरितमानस त्याग, प्रेम और भक्ति रस से परिपूर्ण है, जो श्रोताओं, पाठकों और वक्ताओं के मन में आत्मिक शांति और भक्ति की भावना जगाती है। कथा प्रसंग में प्रभु राम और केवट के संवाद सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। केवट का राम के प्रति प्रेम और निश्छल भक्ति बहुत प्रेरणादायक है। कथावाचक ने कहा कि श्रोताओं को प्रसंगों के माध्यम से जीवन में आदर्शों और मर्यादाओं के महत्व को समझाना चाहिए। डाॅ. अमृतपाल गर्ग, मधु गर्ग, विशिष्ट अतिथि आरडी अरोड़ा, गोपी रहेजा, राजीव आर्य एवं राजेश गर्ग ने व्यासपीठ की आरती की। इस अवसर पर अमित बत्रा, नंदकिशोर अग्रवाल, अतुल गोयल, सुभाष जिंदल, ज्ञानचंद खेडवाल, योगेंद्र कांबोज, पंडित हरिकृष्ण शास्त्री, सुभाष सहगल, सुरेंद्र सिंगला, रमेश बंसल, पवन गोयल, विकास सिंघल, अनुज गोयल, संजय सिंगला, कुंवर सिंघल, राजकुमार सैनी और अशोक सिंगला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।