अभिमान होता है विनाश का कारण : कृष्णचंद ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जयराम विद्यापीठ परिसर में आयोजित भागवत पुराण की कथा के तीसरे दिन कथावाचक भागवत भास्कर कृष्णचंद शास्त्री ठाकुर ने संगीतमयी शैली में प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि जीवन सत्य का मार्ग ही सबसे सशक्त मार्ग है। कथा के प्रारंभ में जयराम संस्थाओं के अध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सानिध्य में मुख्य यजमान जयभगवान गर्ग, जय प्रकाश गर्ग, नरेंद्र गर्ग, अनुज गर्ग, रमेश चंद गर्ग ने व्यासपीठ पर भागवत पुराण की विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजा की। कथा में कृष्णचंद शास्त्री ठाकुर के मधुर भजनों की रसधारा पर कथा प्रेमी झूम उठे। ठाकुर ने बताया चार तरह की स्थितियों में अभिमान मनुष्य की बुद्धि को हर लेता है। विद्या, शक्ति, धन और उपाधि या पद का अभिमान यदि किसी को हो जाए तो उसका पतन निश्चित है। इस अवसर पर अभिनव शर्मा, श्रवण गुप्ता, केके कौशिक, टीके शर्मा, खरैती लाल सिंगला, टेक सिंह लौहार माजरा, राजेश सिंगला, मुनीश मित्तल, संजय गोयल, ईश्वर गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, मुदित शुक्ल, जितेंद्र भारद्वाज, संगीता शर्मा, शाखा शर्मा, संतोष यादव, देवी शर्मा आदि मौजूद रहे।