मकान की खरीद-फरोख्त में एनडीआरआई कैंपस के टेक्नीकल अधिकारी से एक दंपती ने 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने शिकायत पर दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया है। करनाल के एनडीआरआई कैंपस निवासी बलराज सिंह ने सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वह एनडीआरआई में टेक्निकल अधिकारी के पद पर कार्यरत है। उसकी बेटी वंदना व दामाद सुरेंद्र कुरुक्षेत्र के सेक्टर-3 में रहते हैं। उनकी सेक्टर-3 में ही रहने वाले सन्नी गिल्होत्रा व उसकी पत्नी रंजू गिल्होत्रा के साथ जान पहचान थी। आरोपी दंपती ने उसके दामाद के साथ मकान बेचने का जिक्र किया था। उसे बताया कि उन्हें व्यापार में पैसे की जरूरत है। वह जल्द से जल्द अपने दो मंजिला मकान को बेचना चाहता है। इस मकान पर किस तरह का लोन नहीं है। उन पर विश्वास कर उन्होंने एक करोड़ 40 लाख रुपये में मकान का सौदा तय किया था। 10 जुलाई 2020 को इकरारनामा के 15 लाख रुपये अदा किए गए थे तथा रजिस्ट्री की ताखरी 21 नवंबर तय की गई थी। यह भी तय हुआ कि 40 लाख रुपये 17 अगस्त तक अदा कर देंगे। 16 जुलाई 2020 को आरोपियों ने संपर्क किया कि उसे पैसों की जरूरत है। इस पर उसने पांच लाख रुपये नकद व 10 लाख रुपये का चेक दिया था। 40 लाख रुपये 11 नवंबर को तथा कुछ समय बाद 10 लाख रुपये दिए थे। इस तरह कुल रकम 80 लाख रुपये अलग-अलग तारीख में अदा कर दिए। रजिस्ट्री की तारीख 20 नवंबर से पहले 12 अक्टूबर को आरोपियों से संपर्क किया तो उसने 20 नवंबर को रजिस्ट्री कराने में असमर्थता दिखाई। दोनों पक्षों की सहमति से रजिस्ट्री की तारीख 20 नवंबर से बढ़ाकर 20 दिसंबर तय की। आरोपित की प्रार्थना पर रजिस्टरी की तारीख फिर से 20 दिसंबर बढ़ाकर 28 फरवरी 2021 व उसके बाद 31 मार्च 2021 तय की गई। इस दौरान उसे पता चला कि इस मकान पर पहले से ही आइसीआइसीआइ बैंक से लोन लिया हुआ है, जिसकी काफी अदायगी बकाया है। लोन की किश्तें भी सही प्रकार से अदा नहीं की गई है। आरोपी से बात की तो बताया कि अगर वह रजिस्ट्री नहीं करवा पाता तो वह बयाने के डबल पैसे अदा करेगा। इस एवज में आरोपी ने दो चेक 60-60 लाख रुपये के एचडीएफसी बैंक के दिए और कहा कि अगर वह मकान की रजिस्ट्री नहीं करवा पाए तो चेक से रकम वसूल कर लें। इसके बाद भी रजिस्ट्री की तारीख बढ़ाई गई। 31 अगस्त को 60 लाख रुपये लेकर सुबह से सायं 5 बजे तक रजिस्ट्री कार्यालय में हाजिर रहे, मगर आरोपी ने रजिस्ट्री नहीं कराई। जांच की तो पता चला कि आरोपी ने लोन की अदायगी नहीं की है। मकान का पहले से एक और बयाना 15 फरवरी 2020 किसी वरुण अग्रवाल के नाम के व्यक्ति के साथ कराया हुआ है। वरुण अग्रवाल ने हुड्डा एस्टेट अधिकारी को भी एक नोटिस भेजा हुआ है, ताकि आरोपी रजिस्ट्री न कर सके। आरोपी की ओर से दिए चेक भी बाउंस हो गए। आरोपित मकान का ताला लगा कर अब चंडीगढ़ में रह रहा है।पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।