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तीन एकड़ जमीन पर कब्जे का मामला

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प्रशासन ने अदालत को सौंपा शपथ पत्र, कहा पूरा कब्जा दिलाया और महंत भी थे संतुष्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट सभा व नाभ कमल मंदिर ट्रस्ट के बीच तीन एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को जिला प्रशासन ने न्यायाधीश नीतू नागर की अदालत में मंदिर को पूरा कब्जा दिलाए जाने व मंहत की संतुष्टि के प्रमाण सौंपे। प्रशासन की ओर से अदालत को शपथ पत्र देकर बताया गया कि अदालत के आदेशानुसार मंदिर को कब्जा दिला दिया गया था और महंत भी उस समय पूरी कार्रवाई से संतुष्ट थे। प्रशासन की ओर से उस दिन की समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट भी सौंपी तो वहीं अदालत ने अब जाट सभा से जवाब मांगा हुआ है तो प्रशासन द्वारा दिए शपथ पत्र पर अब मंदिर ट्रस्ट की ओर भी जवाब देना होगा। महंत जीत मणी के अनुसार अब जाट सभा को जवाब देना है कि मंदिर को पूरी जमीन पर कब्जा क्यों नही लेने दिया गया। इसको लेकर मंगलवार को सुनवाई होगी तो वे भी अपना जवाब देंगे। बता दें कि उक्त जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट नें मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था और इसके बाद स्थानीय अदालत के आदेशानुसार मंदिर को प्रशासन ने कब्जा दिलाया था। इसके उपरांत मंहत की ओर से अदालत में याचिका दी गई थी, जिसमें पूरी तीन एकड़ जमीन पर कब्जा न दिलाए जाने के आरोप लगाए थे। इस पर अदालत ने प्रशासन से स्प्ष्ट करने को कहा था, जिसके लिए सोमवार की तारीख तय की गई। अब मंगलवार की तारीख तय की गई है। बताया जा रहा है कि जाट सभा की ओर से जवाब दिए जाने के बाद बहस होगी। उधर जाट सभा की ओर से संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। उधर नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह का कहना है कि एसडीएम की ओर से अदालत में शपथ पत्र सौंप दिया है, जिसमें स्पष्ट कर दिया गया कि नियमानुसार कब्जा दिला दिया गया है जबकि प्रशासन की जिम्मेदारी भवन बनवाने की नहीं है। अब महंत को उनके शपथ पत्र पर जवाब देना है।
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