शाहाबाद।अटारी कॉलोनी, हुडा सेक्टर एवं हाउसिंग बोर्ड सहित आधे शहर में बाढ़ के पानी से परेशान लोगो ने अब आपने घर खाली करने शुरू कर दिए हैं। माना जा रहा है कि करीब 60 फीसदी से अधिक लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा चुके हैं। यहां रह रहे बाकी की लोगों मदद करने के लिए सामाजिक संस्थाएं सहयोग में जुटी हैं।
कई परिवार तो ऐसे भी हैं जिन्होंने शहर के साथ लगते होटलों में कमरे प्रतिदिन किराए के हिसाब से लेकर रहना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि उनके घरों के अंदर से अभी कईं दिनों तक पानी नहीं हटेगा। इनमें बिजली व पीने का पानी भी नहीं है। ऐसे में उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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घरों में कैद लोगों की मदद के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने बढ़ाए हाथ
अपने घरों में कैद हुए लोगों के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने हाथ बढ़ाए हैं। बाढ़ पीड़ितों का सहयोग करने में आम जनमानस भी कहीं पीछे नहीं है। जहां ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मस्तगढ़ साहिब, हेल्पर्स सोसायटी, श्री कृष्णा मंदिर सनातन धर्म सभा, डेरा कार सेवा आदि विभिन्न धार्मिक संस्थाएं ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से घर-घर जाकर खाने के पैकेट, पानी की बोतलें, दूध एवं दवाइयां आदि वितरित कर रही हैं। वहीं निजी तौर पर अमित गुप्ता की टीम एंबिएंस, पार्षद राजेश उप्पल, जगतार सिंह तारा, विजय कलसी, सुनील बतरा, सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन प्रभजीत तनेजा एवं समीर सेठी सहित शाहाबाद के सैकड़ों लोग अपने निजी कोष से सामर्थ्य अनुसार बाढ़ ग्रसित लोगों की सेवा में दिन-रात जुटे हैं।
मारकंडेश्वर मंदिर में शरणागत बाजीगर कॉलोनी के लगभग 300 बाढ़ पीड़ितों को तीनो समय मंदिर की तरफ से भोजन भी करवाया जा रहा है। उधर प्राचीन श्री शिव मंदिर एवं गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब सहित अनेक धार्मिक स्थलों ने खुले मन से बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का भरोसा जताया है।
पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन भी आगे आया
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अब प्रशासन भी सामने आया है। उपमंडल अधिकारी नागरिक पुलकित मल्होत्रा ने भी आज खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सौजन्य से इंस्पेक्टर कुलदीप एवं एवं तहसीलदार अशोक कुमार के साथ बाढ़ ग्रसित इलाकों का दौरा किया और घर-घर जाकर बड़ी मात्रा में खाने के पैकेट, सूखा दूध और पानी की बोतलें वितरित की। इस अवसर पर एसडीएम पुलकित मल्होत्रा के साथ राइस मिल एसोसिएशन के सचिव संदीप अग्रवाल, योगेश चढूनी, विरेंद्र चढूनी, अंकुश कुमार, प्रदीप कुमार एवं रोहित आदि भी उपस्थित रहे।
संदीप गर्ग भी पहुंचे सेवा करने
स्टालवार्ट फाउंडेशन के चेयरमैन एवं समाजसेवी संदीप गर्ग ने भी गुरुवार को यहां पिछले चार दिन से बाढ़ का दंश झेल रहे लोगों को खाना वितरित किया। गर्ग ने कहा कि सरकार को जब यह मालूम था कि मानसून आने वाला है तो पहले ही पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे। परंतु सरकार अपनी ओर से पुख्ता इंतजाम करने में नाकाम रही।