कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग ने आयुर्वेदिक अस्पताल में स्वर्णप्राशन शिविर लगाया। इसमें 493 बच्चों को स्वर्णप्राशन की अमृत बूंदें पिलाई गईं। अभिभावकों को स्वर्णप्राशन के महत्व और बाल स्वास्थ्य की जानकारी दी गई। विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कटारिया ने बताया कि आयुर्वेद में बाल स्वास्थ्य और विकास को महत्व दिया गया है। स्वर्णप्राशन संस्कार बच्चों के समग्र विकास की महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक परंपरा है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। डॉ. सुधीर मलिक, डॉ. जयदेव गेहीजा और डॉ. प्रोमिला ने बाल स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल पर मार्गदर्शन दिया। कौमारभृत्य विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भी शिविर में सहभागिता की। आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला ने बताया कि अगला शिविर एक नवंबर को ओपीडी संख्या-53 में होगा। उन्होंने अभिभावकों से इसका लाभ उठाने की अपील की।