कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 8वीं अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आगाज रविवार को हुआ, जिसका शुभारंभ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया जो कि 19 दिसंबर तक चलेगी। इसमें देश के ही नहीं विदेश के विद्वान भी गीता की राह पर चलने का संदेश देंगे। संगोष्ठी में गीता पर हुए शोध पत्रों पर भी मंथन किया जाएगा। तीन दिवसीय संगोष्ठी में 448 शोध, 300 लघु पत्र व 150 शोध पत्रों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें प्रत्येक सत्र में बेस्ट पेपर व शोध का अवार्ड भी दिया जाएगा। संगोष्ठी में 18 भारतीय तो आठ विदेशी विशेषज्ञ गीता पर मंथन करेंगे।
कहा कि गीता में खोज और जिज्ञासा की भावना निहित है। इस संगोष्ठी में जापान, अमेरिका, क्जागिस्तान, किर्गिस्तान सहित अन्य देशों के विशेषज्ञ अपना विचार साझा करेंगे। संगोष्ठी का विषय वसुधैव कुटुंबकम श्रीमदभगवद् गीता और वैश्विक एकता है, जिसके माध्यम से पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोना है व गीता पर शोध करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना व गीता के मर्म पर चलने का संदेश देना है। इसी के साथ 18 दिसंबर को युवाओं को व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से गीता की राह पर चलने का संदेश दिया जाएगा।
उपराष्ट्रपति ने किया शोध स्मारिका का विमोचन
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में 12 सत्रों में गीता के मर्म पर चर्चा की जाएगी व गीता पर किए गए शोध पर भी मंथन होगा। शुभारंभ अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शोध स्मारिका का विमोचन किया, जिसमें देश-विदेश से आने वाले विशेषज्ञोंं के शोध पत्रों का सार है। स्मारिका में गीता पर हुए शोध व शोध पत्रों के बारे में जानकारी दी गई है।