कुरुक्षेत्र। जिला टीबी विभाग की ओर से जिले की 33 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है। टीबी विभाग की टीम की ओर से हुई सैंपलिंग के बाद इन पंचायतों में कोई भी व्यक्ति टीबी का रोगी नहीं मिला। जल्द ही इन पंचायतों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए विभाग और प्रशासन तालमेल कर कार्यक्रम की घोषणा करेगा। वर्तमान में जिला कुरुक्षेत्र में 403 पंचायत शामिल है, जिसमें विभाग की ओर से साल 2022-23 में टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत की लोगों के सैंपल लिए गए थे। इसमें जिले की 33 पंचायत में कोई भी टीबी का रोगी नहीं पाया गया। इसकी रिपोर्ट विभाग ने सरकार को सौंपी थी, जिसके बाद सरकार ने इन पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया।
जिले में मौजूदा समय में टीबी के 900 से अधिक मरीज टीबी विभाग से उपचार ले रहे हैं। इस साल के दौरान ही 450 से ज्यादा नए टीबी के मरीज सामने आ चुके हैं। विभाग की टीम ने प्रत्येक पंचायत की आबादी के मुताबिक 30 फीसदी के सैंपल एकत्रित करके जांच के लिए भेजे थे।
28 हजार से ज्यादा इन पंचायत की आबादी
टीबी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन पंचायतों की आबादी करीब 28,168 है, जिसमें विभाग ने 30 फीसदी यानी करीब 8450 लोगों के सैंपल जांचे थे। इन पंचायतों में से एक पंचायत खिजरपुरा को छोड़कर किसी भी पंचायत की आबादी 1351 से अधिक नहीं है।
इन पंचायत को किया टीबी मुक्त घोषित
खंडगांव के नाम
थानेसरखानपुर रोड़ान, खिजरपुरा, रावगढ़, मुंडाखेड़ा व पिंडारसी
पिपली-ढेरु माजरा, बोढ़ी, सोढ़ी, किशनगढ़, शादीपुर व मुनियारपुर
पिहोवामदनपुर, ट्यूकर, तंगोली, मुकीमपुरा, बोढा, जुल्मत व नानकपुरा
इस्माईलाबादफतेहगढ़ चम्मू और सैनी माजरा
शाहाबादरायपुर, भोकर माजरा, सैदपुरा, मलिकपुर, छोड़पुर व बकाना
लाडवाभालरी, भालर, खरकाली, चकचानपुर, पटाकपुर, जोगी माजरा व खेड़ी गाडियां
साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य
जिला क्षय रोग केंद्र अधिकारी एवं उप-सिविल सर्जन डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2022-23 में जिले की पंचायतों को टीबी मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। इसमें 33 पंचायतों में टीबी का कोई रोगी नहीं मिला। जल्द ही इन पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार की गाइडलाइन के जरिए सैंपलिंग की गई थी।