प्रशासन की लेट लतीफी व लापरवाही के चलते जिला भर की अनाज मंडियों में खुले में पड़ा करीब 30 लाख क्विंटल धान बारिश में भीग गया, जिससे किसानों में चिंता गहरा गई है तो वहीं अनाज मंडियों में प्रशासन द्वारा पूरे प्रबंधों को लेकर किए जा रहे दावों की पोल भी खुल गई। हालांकि बारिश हल्की रही और करीब एक घंटे बाद रुक गई, जिसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली। शाम को फिर बारिश की संभावना बनी रही। मौसम के इस फेरबदल से धान कटाई भी बाधित हुई है।
जिला में शनिवार से ही बारिश का मौसम बन चुका था तो शाम के समय हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। कुछ देर बाद बारिश रुकी तो किसानों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन रविवार सुबह करीब दस बजे फिर बारिश शुरू हो गई, जो करीब एक घंटा तक चली। हालांकि बारिश हल्की रही, लेकिन मंडियों में पड़ा अधिकतर धान भीगता रहा। तिरपाल तक नहीं ढांपा जा सका। मंडियों में किसानों ने अपने स्तर पर ही प्रबंध किए तो कुछ धान बचाया जा सका। वहीं अभी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है तो वहीं अगले दो से तीन दिन भी बारिश का अनुमान जताया जा रहा है। बारिश के चलते जहां धान कटाई बाधित हो गई है तो वहीं किसान चिंतित दिखाई देने लगे हैं।
मंडियों के हालात बिगड़े तो प्रशासन ने इन्हें संभालने के लिए रविवार को जिला भर की मंडियों में धान खरीद बंद करनी पड़ी। केवल उठान कार्य ही किया गया, जिसके बावजूद आठ लाख छह हजार 470 क्विंटल धान का ही उठान हो पाया। आढ़तियों की मानें तो रविवार देर शाम के बाद भी जिला भर की मंडियों में 20 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
इस संबंध में अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि समय रहते प्रशासन मंडियों में प्रबंध नहीं कर पाता। मौसम विभाग की कई दिनों पहले चेतावनी के बावजूद प्रशासन की अनदेखी के चलते ही रविवार को बारिश में धान भीगा है। न उठान कार्य सही रूप से किया जा रहा और न ही तेजी लाई जा रही, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उठान न होने के चलते बिगड़े हालात की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
बता दें कि जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों पर शनिवार शाम तक 449185 मीट्रिक टन धान की खरीद खाद्य आपूर्ति विभाग व 163839 मीट्रिक टन धान हैफैड द्वारा खरीदा जा चुका है। चार लाख 47 हजार 227 मीट्रिक टन धान का उठान हो पाया है।
डीएफएससी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अनाजमंडियों व खरीद केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। उठान कार्य में तेजी लाई गई है, जिसके चलते रविवार को मंडियों में धान खरीद रोकी गई। व्यवस्था अब सुचारू होने लगी है।