न्यायालय ने पति को ठहराया पत्नी की हत्या का दोषी, सुनाई उम्रकैद की सजा, 25 हजार जुर्माना
- थाना केयूके में नवंबर 2017 रवि वासी गांव उकलाना करनाल की शिकायत पर हुआ था मामला दर्ज
- वर्ष 2006 में ससुराल में संजीव वासी जोगनाखेड़ा पर लगाया था बहन सुमन की हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने के आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। सहायक न्यायवादी चंद्र मोहन ने बताया कि थाना केयूके में रवि वासी गांव उकलाना करनाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी बहन सुमन देवी की शादी वर्ष 2006 में संजीव वासी गांव जोगनाखेड़ा के साथ संस्था द्वारा कराई गई थी। शादी के बाद दोनों के बीच झगड़ा रहने लगा। इसके कुछ समय बाद से ही उसकी बहन कई-कई महीनों तक मायके में ही रहती थी। जानकारी के अनुसार सुमन ने कई बार बताया था कि उसके पति का उसके भाई की साली के साथ नाजायज संबंध है और इस कारण उनकी आपस में लड़ाई रहती है। साथ ही सुमन ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए तंग करने के आरोप भी लगाए थे। मृतका के भाई रवि ने बताया कि 15 नवंबर 2017 को संजीव के चाचा ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि बहन की मौत हो चुकी है। सूचना मिलते ही वह रिश्तेदारों के साथ गांव जोगनाखेड़ा गए। रवि ने थाना केयूके पुलिस में अपनी बहन के पति संजीव कुमार, ससुर बैसाखी कुमार, देवरानी डिंपल, देवरानी की बहन कांता, देवर और दादी पर हत्या का केस दर्ज कराया था। जांच में आरोपी संजीव के परिवार वालों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, जबकि संजीव के खिलाफ खिलाफ चालान तैयार करके न्यायालय में पेश किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुरुक्षेत्र शालिनी सिंह नागपाल ने नियमित सुनवाई करके संजीव को दोषी करार देते हुए धारा-302 के तहत उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।