कुरुक्षेत्र। उत्तरी भारत के एकमात्र राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए 20 फीसदी कोटा तय किया जाना चाहिए। इससे हरियाणा के विद्यार्थियों को एनआईडी संस्थान में सहजता से दाखिला मिल सकेगा और युवा पीढ़ी डिजाइन विषय में निपुण होकर अपना स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे। एनआईडी जैसे संस्थानों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर भी मिल सकेगा। यह मांग सांसद नायब सिंह सैनी ने लोकसभा में उठाई।
उन्होंने लोकसभा सत्र में मांग उठाते हुए कहा कि संसदीय क्षेत्र कुरुक्षेत्र के गांव उमरी में वर्ष 2013 मई माह में ग्राम पंचायत उमरी द्वारा 20 एकड़ भूमि राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनाने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग नई दिल्ली भारत सरकार को दी थी। इस संस्थान पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च हुए जो वर्ष 2022 में बनकर तैयार हुआ है। यह संस्थान उत्तर भारत का पहला और देश का तीसरा डिजाइन संस्थान है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में प्रदेश के एक भी विद्यार्थी का दाखिला नहीं है।
उन्होंने राष्ट्रीय फैशन औद्योगिक संस्थान पंचकूला का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी आधारशिला दिसंबर 2016 में रखी गई थी। जिसका उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया था। इस संस्थान में प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए 20 फीसदी कोटा निश्चित किया गया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से अनुरोध किया कि एनआईडी संस्थान कुरुक्षेत्र उमरी में भी हरियाणा राज्य के विद्यार्थियों के लिए भी 20 या उससे अधिक कोटा निर्धारित किया जाए, जिससे हरियाणा राज्य के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिल सके।