कुरुक्षेत्र। आयुष्मान कार्ड धारकों को अगले माह एक जुलाई से निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं मिलेगा, क्योंकि जिले के निजी अस्पताल संचालकों का सरकार के पास 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इसके साथ अन्य छह मांगों के समर्थन में यह फैसला लिया है, साथ ही सरकार को 30 जून शाम छह बजे तक अल्टीमेटम दिया। इस मांग को लेकर उपायुक्त और जिला सिविल सर्जन को आईएमए के पदाधिकारी ज्ञापन सौंप चुके हैं।
उधर, आईएमए के जिलाध्यक्ष का कहना है कि प्रदेश स्तर पर उनकी सरकार के साथ बात चल रही है। अगर बात सिरे नहीं चढ़ती तो आईएमए के आह्वान पर जिले के आयुष्मान पैनल के 32 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत उपचार देना बंद देंगे। इससे जिले के छह लाख चार हजार 467 आयुष्मान कार्ड धारक प्रभावित होंगे। उनको निजी अस्पताल में अपने खर्च पर ही उपचार करना पड़ेगा। हालांकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलता रहेगा। जिले में 18 सरकारी अस्पताल समेत कुल 50 अस्पताल आयुष्मान पैनल पर है। इनमें प्रति माह 20 हजार से ज्यादा मरीज आयुष्मान योजना के तहत अपना उपचार कराते हैं। एक जुलाई से आयुष्मान योजना के तहत उपचार न मिलने से मरीजों को सरकारी अस्पतालों के भरोसे रहना होगा या फिर अपने खर्च पर निजी अस्पताल में उपचार करना पड़ेगा।
फरवरी से अटका भुगतान : डॉ. गुप्ता
आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. ऋषि पाल गुप्ता ने बताया कि सरकार ने फरवरी माह से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया है। सरकार के पास उनके 20 करोड़ रुपये से ज्यादा के बिल अटके पड़े हैं। इससे अस्पतालों के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। उनकी मांग है कि ब्याज के साथ उनका पूरा भुगतान दिया जाए, साथ ही इलाज की नई दर को लागू किया जाए। इसके अलावा बिलों में होनी वाली कटौती को बंद किया जाए। पूरे मामले को लेकर आईएमए के निर्णय को लागू किया जाएगा।
पोर्टल में भी गड़बड़ी : डॉ. अमन
डॉ. अमन अग्रवाल ने बताया कि आयुष्मान के ऑनलाइन पोर्टल में भी गड़बड़ी हो चुकी है। पहले मरीज आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल से संबंधित जानकारी पोर्टल से प्राप्त कर लेते थे, मगर यह सुविधा पोर्टल में नहीं चल रही है। उनकी मांग है कि इस पोर्टल को भी जल्द अपडेट किया जाए ताकि मरीजों को संबंधित जानकारी मिलती रहे।
अगले सप्ताह तक होगा भुगतान : डॉ. सभ्रवाल
जिला आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं उप-सिविल सर्जन डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि सरकार ने अगले सप्ताह तक भुगतान करने का आश्वासन दिया है, साथ ही बिल कटौती की मांग पर एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। यह कमेटी बिल कटौती पर अपनी राय सरकार को भेजेगी। सरकार ने इलाज की नई दरें भी लागू करने का आश्वासन दिया है।