शाहाबाद। गांव धंतौड़ी के पास रविवार तड़के दो बजे हुए सड़क हादसे में लोहे की चदरों से लदा ट्राला खदानों में जा घुसा था और पेड़ से टकरा गया था। इस कारण इस ट्राले के चालक राजेश यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि साथ बैठे सहायक लक्ष्मण पुत्र कोमल सिंह निवासी नगला नैनपुरा ऐटा यूपी का कोई सुराग नहीं लग रहा था। टक्कर के कारण ट्राले में लदी लोहे की करीब बीस टन चदरें खदान में जा गिरी थी। पुलिस को आशंका था कि सहायक लक्ष्मण इन चदरों के नीचे दब गया है। लक्ष्मण का फोन भी घटनास्थल से मिल गया था। इसी आशंका के आधार पर पुलिस ने रविवार तड़के 9 बजे चदरों को हटाना शुरू किया। यह काम करीब 33 घंटे तक चलता रहा। सोमवार सुबह 11 बजे लक्ष्मण का शव चदरों के नीचे से मिला। चदरों का इतना भार था कि शव करीब आठ टुकड़ों में बंट चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। हादसे में मारे गए लक्ष्मण के भतीजे एवं भाई सोमवार तड़के पांच बजे घटनास्थल पर पहुंच गए थे। यहां पहुंचते ही भतीजे अमित, कुलदीप व लक्ष्मण का भाई लेबर के साथ चदरें हटाने में जुट गया। जब आखिरी में चदरों को हटाया गया तो लक्ष्मण का शव वहां से निकला तो कई टुकड़ों में कटा था, जिसे देख परिजनों की चीख निकल गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।