कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के 17 शिक्षकों को विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में मान्यता प्राप्त हुई है। 2024 के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए की ओर से किए गए नवीनतम सर्वेक्षण के मुताबिक यह प्रतिष्ठित मान्यता शिक्षकों द्वारा शोध के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करती है। इस उपलब्धि पर एनआईटी परिसर में खुशी की लहर है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई सूची में डॉ. महेश पाल, डॉ. संदीप सूद, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. रवि पी सिंह, डॉ. अंकित कुमार जैन, डॉ. मुनिश भाटिया, डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. राजीव राठी, डॉ. जतिंदर कुमार, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. एएसवी रवि कांत, डॉ. ललित ठाकुर, डॉ. प्रकाश चंद, डॉ. मोहित दुआ, डॉ. डी अमिलान जोस, डॉ. अमित प्रकाश और डॉ. एचडी चालक का नाम शामिल हैं। सभी शिक्षकों को फैक्लटी सदस्यों ने बधाई देकर प्रोत्साहित किया और शोध क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।
एनआईटी निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने चयनित 17 शिक्षकों को बधाई दी और इस तरह के ओर शोध कार्य करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों के इस योगदान ने न केवल संस्थान का सिर गर्व से ऊंचा उठाया है बल्कि उच्च-प्रभाव वाले शोध को भी दर्शाया है। पिछले वर्ष भी 16 फैकल्टी सदस्यों का नाम इसमें आया था। इस बार एक शिक्षक में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे प्रयास से निरंतर आगे की ओर बढ़ते रहें तथा संस्थान भी शिक्षा और शोध में उत्कृष्टता के वातावरण को बढ़ावा देना आगे भी जारी रखेगा।