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तुलाई कांटे पर हेराफेरी कर राईस मिर्ल्ज को लगाया जा रहा चूना

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तुलाई कांटे पर हेराफेरी कर राइस मिल्स को लगाया जा रहा चूना
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बाबैन।
प्राइवेट शेलरों द्वारा की गई कस्टम मिलिंग राइस की तुलाई के लिए हैफेड गोदाम डीग पर लगाए गए तुलाई कांटे पर चावल के तोल में हो रही हेराफेरी के विरोध में राइस मिल्स एसोसिएशन भड़क उठी। रविवार को एसोसिएशन सदस्यों ने हैफेड के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि हैफेड का गोदाम मैनेजर अपनी मनमानी करके राइस मिल मालिकों को चावल के तोल में हेराफेरी करके मोटा चूना लगा रहा है। राइस मिल मालिकों का कहना है कि जब उन्होंने हैफेड अधिकारियों से कांटे में गड़बड़ी को ठीक करने का आग्रह किया तो उन्होंने उनकी सुनवाई करने की बजाए उल्टा उन्हें ही धमकाना शुरू कर दिया। राइस मिल्ज एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि वे सरकार के धान की कस्टम मिलिंग करके तैयार चावल को बाबैन के कांटों पर तोलकर डीग स्थित हैफेड के गोदाम में भेजते है। उनका कहना है कि 11 दिसंबर के बाद से बाबैन से डीग गोदाम पर भेजे जा रहे चावल, जिसको पहले बाबैन में कांटों पर तोल कर डीग गोदाम में भेजा जा रहा है, पर लगे कांटे में हेराफेरी कर उसे कम चावल बताया जा रहा है। शेलर मालिकों का आरोप है कि गोदाम पर लगे सरकारी कांटें में 210 कटों की गाडी में 40 से 50 किलों का फर्क, 330 कटों की गाड़ी में 60 से 70 किलों का फर्क व 540 कटों की गाड़ी में 120 से 135 किलों तक चावल कम बताया जा रहा है। राईस मिल मालिकों का कहना है कि उन्होंने इस बारे उपायुक्त को भी शिकायत की थी, जिस पर उपायुक्त ने नाप-तोल विभाग के अधिकारियों को कांटों को चैक करने के आदेश दिए थे। उनका कहना है कि नाप-तोल विभाग के निरिक्षक ने भी कांटों को चैक किया, परंतु उन्होंने कांटों को ठीक करने की बजाए उल्टा शैलर मालिकों को ही धमकाना शुरु कर दिया । उनका कहना है कि नाप-तोल विभाग के निरिक्षक ने हैफड़ के कांटे और हरियाणा एग्रो के सरकारी कांटे को एक साथ चैक किया तो हैफड़ के डीग स्थित कांटें में 60 किलो का फर्क मिला जिस पर नाप-तोल विभाग के निरिक्षक ने उल्टा हरियाणा एग्रो के सरकारी कांटे को ही गलत करार देकर उसे सील कर दिया, जबकि हरियाणा एग्रो के सरकारी कांटे पर इस्माईलाबाद व ठोल के शैलरों का सारा चावल तुल रहा है।
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