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मैसी ने मनाई मिर्जा ग़ालिब की 221वीं जयंती

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कुरुक्षेत्र। महाराजा अग्रसेन शिक्षा सम्मान योजना (मैसी) के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्जा गालिब की 221वीं जयंती पर याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अग्रवाल धर्मशाला में मुख्य व्यवस्थापक राजेश सिंगला की अध्यक्षता में कार्यक्रम के दौरान संस्था अध्यक्ष बलबीर गुप्ता ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मिर्जा गालिब के जीवन से जुड़ी बातों तथा उनकी शायरी के लोग अब भी कायल हैं। उनका जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा में हुआ था। 12 साल की उम्र से ही उर्दू और फारसी में लिखना शुरू करने वाले गालिब साहब कलम के जादूगर थे। कुरुक्षेत्र में मशहूर शायर मिर्जा गालिब की 221वीं जयंती मना रहे हैं। राजेश सिंगला ने बताया कि गालिब का असली नाम असदुल्ला खां गालिब था। इसीलिए उपनाम में गालिब की जगह असद भी लिखते थे। गालिब को उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है। फारसी कविता के प्रवाह को हिंदुस्तानी जुबान में लोकप्रिय कराने का श्रेय भी इनको दिया जाता है। उन्हें दबीर-उल-मुल्क और नज्म-उद-दौला का खिताब मिला। इस अवसर पर सतीश गर्ग, राजीव गर्ग, योगेश गर्ग, मुनीष मित्तल, विनय गुप्ता, सचिन सिंगला, प्रमोद बंसल, अजय गुप्ता, कपिल मित्तल, संजीव गर्ग, नरेश सिंगला, जंगबहादुर सिंगला, राजेश, मोहित गुप्ता तथा केवल कृष्ण इत्यादि मौजूद रहे।
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