कुरुक्षेत्र। पानी की टंकी में लारवा की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
कुरुक्षेत्र। बारिश के बाद मच्छर से होने वाले जल जनित रोग डेंगू व मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। अभी तक जिला स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक डेंगू के 10 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू व मलेरिया से बचाव को लेकर विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। उधर, बुहावी गांव में हेपेटाइटिस-बी के छह संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अभी तक जिले से विभाग की टीम कुल 359 डेंगू संदिग्ध व बुखार से पीड़ित लोगों के सैंपल जांच के लिए भेज चुकी है, जिसमें 10 लोगों डेंगू पॉजिटिव पाए गए। पिछले तीन दिन में दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। टीम ने बुधवार को 7,264 घर में डेंगू के लारवा की जांच की, जिसमें 24 जगह से लारवा बरामद हुआ। इसके अलावा टीम ने पानी जमा होने के विभिन्न 52,366 स्रोत की जांच कर 24 जगह मिले लारवा को नष्ट किया। इसमें टीम ने कुल 19 लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस थमाए हैं।
अभियान के तहत टीम कुल 9,82,378 घर व 5,30,782 पानी जमा होने के स्त्रोत जांच कर 1366 घर समेत कुल 2,758 जगह से डेंगू का लारवा नष्ट कर चुकी है। इसमें घर से दोबारा लारवा मिलने पर 749 लोगों को नोटिस दिए गए। लारवा और मच्छर से निपटने लिए विभाग इनके ज्यादा घनत्व वाले इलाके में दवा छिड़काव और फाॅगिंग करवा रहा है। हर रोज डेंगू संदिग्ध व बुखार से पीड़ित 50 से ज्यादा लोगों की रक्त पट्टिका बनाई जा रही है।
हेपेटाइटिस-बी संदिग्धों के लिए सैंपल
उधर, विभाग की टीम ने बुहावी गांव में हेपेटाइटिस-बी के छह संदिग्ध लोगों के लिए सैंपल जांच के लिए करनाल भेजे हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंदिर वाली गली के साथ-साथ तीन गलियों से पानी के पांच बीटी (बैक्टीरियल) सैंपल लिए थे, जिसमें से चार सैंपल अनफिट मिले हैं। पानी के सैंपल को लेकर सिविल सर्जन की तरफ से जन-स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम आंगनबाड़ी में स्वास्थ्य की जांच कर रही है। टीम गांव में क्लोरीन की गोलियां भी बांट रही है।
घर के आसपास पानी का ठहराव न होने दें : डॉ. सुखबीर सिंह
जिला सिविल सर्जन डाॅ. सुखबीर सिंह ने बताया कि जिलावासी सप्ताह में एक दिन ड्राई डे जरूर मनाएं। अपने घर की छत पर रखे सामान व कूलर को साफ करें ताकि मच्छर पैदा न हों। घर के बाहर नाली में पानी के ठहराव में काला तेल, डीजल व पेट्रोल डालें। घर के आसपास जल ठहराव न होने दें। अभी तक डेंगू के 10 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें तीन मामले जिले के बाहर जांच होने पर सामने आए थे।