कुरुक्षेत्र। सीआईए-दो की टीम ने ट्रांसफार्मर चोरी की 224 घटनाओं से पर्दा उठाया है। इस मामले में पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपये के दो इनामी मोस्ट वांटेड सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मोस्ट वांटेड आरोपी शिवम चौरसिया उर्फ जोन हाल निवासी पहाड़गंज व शिव कुमार उर्फ पंडित हाल वासी कीर्ति नगर (नई दिल्ली) की पुलिस 2018 से तलाश कर रही थी। आरोपियों के कब्जे से छह साइकिल, एक कार, ट्रांसफार्मर चोरी करने में इस्तेमाल औजार प्लास, पेचकस, हथौड़ा, चाबी-पाने सहित करीब 35 किलो तांबे की तार बरामद की है।
पुलिस ने मोस्ट वांटेड आरोपी सहित मनोज कुमार उर्फ लालू, यशपाल, इकबाल, कर्ण, इंदल हाल निवासी नई दिल्ली, आशु मोहम्मद निवासी अल्लम जिला शामली, मोहम्मद इनाम हाल निवासी बागपत, पवन निवासी डीडवाना (पानीपत) व दीपक उर्फ दीपू निवासी सोनीपत को सात दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी मूल रूप से यूपी के रहने वाले हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि जिलेभर में अलग-अलग जगह से ट्रांसफार्मर चोरी की शिकायतें मिल रही थी। इससे न केवल किसान बल्कि व बिजली निगम को भी आर्थिक नुकसान हो रहा था। कुछ दिन पहले भी सीआईए-दो ने तार चोरी के मामले में थाना झांसा के क्षेत्र से सात अपराधियों को काबू किया था। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 11 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करके सात दिन के रिमांड पर लिया है।
आरोपियों ने कबूली 224 वारदात
पुलिस पूछताछ में इन आरोपियों ने ट्रांसफार्मर चोरी की 224 वारदातें कबूली है। आरोपियों ने थाना सदर थानेसर क्षेत्र से 36, थाना बाबैन क्षेत्र से 38, थाना लाडवा क्षेत्र से 33, थाना शाहाबाद क्षेत्र से 73, थाना झांसा क्षेत्र से 18, थाना कृष्णा गेट क्षेत्र से चार, थाना केयूके क्षेत्र से 11, थाना सदर पिहोवा क्षेत्र से तीन व थाना इस्माईलाबाद क्षेत्र से आठ वारदातों को अंजाम दिया। यह सभी वारदात वर्ष 2022 में ही अंजाम दी गई।
रात 12 से तीन बजे के बीच करते थे चोरी
आरोपी बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी दिल्ली से बस या ट्रेन में सवार होकर कुरुक्षेत्र में पहुंचते थे। यहां शाहाबाद बस अड्डे के पास दो और कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के पास पार्किंग में चार साइकिल खड़ी करके रखते थे। आरोपी रात 12 से तीन बजे के बीच काले कपड़े पहनकर खेतों में जाकर चोरी करते थे। उसके बाद अन्य साथी कार में उनके पास पहुंचकर चोरीशुदा सामान ले जाते थे और अन्य चोरी करने वाले साइकिल को अपने पहले वाले ठिकाने पर खड़ी करके वापस दिल्ली पहुंच जाते थे।