- फ्रांस में चल रहे सैन्य अभ्यास ओरियन-23 में भाग लेने के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से विमानों ने भरी उड़ान
- अंबाला में तैनात है राफेल की गोल्डन एरो स्क्वाड्रन, पहली बार देश से बाहर अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में लेंगे भाग
मोहित धुपड़
करनाल। राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस में चल रहे सैन्य युद्धाभ्यास ओरियन-23 में भाग लेने के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से रवाना हो गए हैं। प्रशिक्षित फाइटर पायलटों ने चार विमानों संग फ्रांस के लिए उड़ान भरी। ऐसा पहली बार होगा, जब राफेल लड़ाकू विमान देश से बाहर किसी अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में गरजेंगे।
राफेल भारतीय एयरफोर्स का सबसे दमदार लड़ाकू विमान माना जाता है। लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) व लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर पाकिस्तान और चीन से चल रहे तनाव के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय ने जुलाई 2020 में राफेल की स्क्वाड्रन उत्तर भारत के रणनीतिक एयरफोर्स स्टेशनों में से एक अंबाला में तैनात की थी। यहां गोल्डन एरो स्क्वाड्रन राफेल को संभाल रही है। सूत्रों के अनुसार इस स्क्वाड्रन के पास कुल 36 में से 26 के करीब राफेल विमान पहुंच चुके हैं।
इन विमानों के रखरखाव व इसके संचालन की ट्रेनिंग के लिए फ्रांस से ही विशेषज्ञों की टीम अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में तैनात थी। कुछ समय पूर्व यह टीम भारतीय वायुसेना के जवानों व अफसरों को पूरी तरह प्रशिक्षित कर रवाना हो चुकी है।
एयरफोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि फ्रांस में चल रहे ओरियन-23 युद्धाभ्यास में विभिन्न नाटो देशों की सेनाएं अपने उपकरणों, युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों और हजारों सैन्य बलों के साथ भाग ले रही हैं। इसी कड़ी में भारतीय वायुसेना के राफेल विमान भी इस युद्धाभ्यास में भाग लेने के लिए अंबाला से निकल चुके हैं। यह युद्धाभ्यास 17 अप्रैल से शुरू हुआ था जोकि पांच मई तक चलेगा। इससे पहले राफेल देश में ही राजस्थान के जोधपुर में फ्रांसिसी वायुसेना के साथ डेजर्ट नाइट एक्सरसाइज भी कर चुके हैं।
मानवीय सभ्यता के प्रतीक स्मारकों का सुखोई से सम्मान
दूसरी ओर, ग्रीस में भी इनियोचोस-23 नाम से अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास चल रहा है। 24 अप्रैल से 04 मई तक चलने वाले इस अभ्यास में फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई समेत सी-17 विमान भाग ले रहे हैं। इसका मकसद विभिन्न देशों की वायु सेनाओं में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तालमेल और पारस्परिकता को बढ़ाना है। इसी कड़ी में मंगलवार को सुखोई विमानों ने ग्रीस स्थित एथेंस के प्रसिद्ध एक्रोपोलिस (चट्टानी इलाकों का प्राचीन व ऐतिहासिक स्थल व स्मारक) के ऊपर से एक स्पेशल फाॅर्मेशन संग उड़ान भर अपना दम दिखाया। एयरफोर्स के एक अफसर ने बताया कि सुखोई विमानों की यह विशेष करतब भरी उड़ान ग्रीस में भारतीय वायुसेना की ओर से मानवीय सभ्यता के प्रतीक स्मारकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने सरीखे थी।