करनाल। इंफॉर्मेंशन सिक्योरिटी में एमएससी, अर्बन स्टडीज और उर्दू में एमए करने के लिए अब युवाओं को महानगरों या राजधानी जाने की जरूरत नहीं है। ये कोर्स अब युवा अपने घर बैठे कर सकेंगे। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) युवाओं को यह अवसर देने जा रहा है।
जुलाई 2022 से शुरू होने वाले नए सत्र से इन तीनों कोर्स में दाखिले दिए जाएंगे। इग्नू की वेबसाइट से आवेदन की जानकारी ले सकते हैं। अभी तक इन कोर्स के लिए युवाओं को दिल्ली, चंडीगढ़ या पंजाब विश्वविद्यालय का रुख करना पड़ता है। यहां भी उन्हें महंगी फीस का भुगतान करते हुए नियमित कक्षाएं लगानी पड़ती हैं। इग्नू द्वारा शुरू किए गए इन प्रोफेशनल ओपन कोर्स में फीस भी काफी कम रखी गई है और पढ़ाई भी अपने घर पर करनी होगी।
इससे करनाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के लाखों युवाओं को फायदा होगा। हालांकि प्रेक्टिकल कक्षाओं के लिए युवाओं को 15 से 20 दिन इग्नू के संबंधित केंद्र में लगाने पड़ेंगे। तीनों कोर्स करने के बाद युवा शिक्षा के क्षेत्र के अलावा अलग-अलग फिल्ड में अपना करियर भी बना सकते हैं। उर्दू को छोड़कर अन्य दोनों कोर्स में ज्यादा संभावना शहरी योजना एवं विकास के क्षेत्र में रोजगार की है। करनाल स्थित इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन 18 जिले आते हैं, यहां के युवा इन कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। ब्यूरो
ये है इन तीनों कोर्स की खासियत
1. मास्टर ऑफ साइंस इन इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (एमएससीआईएस)
- न्यूनतम दो व अधिकतम चार साल का कोर्स, 10800 रुपये प्रति सेमेस्टर फीस, माध्यम अंग्रेजी रहेगा।
- योग्यता : किसी भी विषय में स्नातक जरूरी।
--
2. मास्टर ऑफ आर्ट्स उर्दू (एमयूडी)
- दो साल का कोर्स, माध्यम उर्दू रहेगा।
- योग्यता : किसी भी विषय से स्नातक जरूरी
--
3. मास्टर ऑफ आर्ट्स- अर्बन स्टडीज (एमएयूएस)
- न्यूनतम दो व अधिकतम चार साल का कोर्स, 7200 रुपये प्रति वर्ष, पंजीकरण फीस अलग होगी व माध्यम अंग्रेजी रहेगा।
- योग्यता : किसी भी विषय से स्नातक।
- करियर : वास्तुकला, योजना, सिविल इंजीनियर, कॉर्पोरेट रियल एस्टेट पेशेवर के क्षेत्र में नौकरी की संभावना।
तीनों कोर्स इग्नू ने नए लॉन्च किए हैं। ये कोर्स स्नातक और उच्च योग्यता वाले लोगों के लिए हैं। जो अपनी नौकरी या पेशे के साथ भी इसे कर सकते हैं। इसी केंद्र के अधीन प्रेक्टिकल कक्षाएं लगेंगी। फिलहाल युवा दाखिले के लिए 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।
- डॉ. धर्मपाल, सहायक क्षेत्रीय निदेशक