संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में लगभग दो लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है, जिससे आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पंचायत विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है और दो दिन खेतों में न जाने की हिदायत दी है। वहीं स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। लगभग 12 हजार कट्टों में मिट्टी भरने का काम शुरू हो गया है। नदी में बढ़ रहे जलस्तर और बहाव के कारण होने वाले कटाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। उधर, इंद्री के यमुना से लगते आठ गांवों के खेतों की तरफ भी पानी बढ़ रहा है।
हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गांव लालूपुरा के पास यमुना नदी में शुक्रवार को पानी पहुंचे की उम्मीद है। यमुना में पानी छोडे़ जाने के बाद पंचायत विभाग ने यमुना क्षेत्र के आसपास के गावों के ग्रामीणों को अलर्ट जारी कर दिया है। नदी के दूसरी तरफ खेती करने वाले किसानों को नदी में न जाने की हिदायत दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार यमुना में जलस्तर बढ़ने का सीधा असर तट बंध के अंदर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ता है।
फसलें हो सकती हैं खराब
गांव लालूपुरा के ग्रामीणों का कहना है यमुना में कई जगहों से कटाव भी शुरू हो चूका है। सिचाई विभाग भी कट्टों में मिट्टी भरने का कार्य कर रहा है। एक साथ दो लाख क्यूसिक पानी आने से यमुना में घीया, ईख व अन्य फसलें खराब होने की आशंका है।
स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू
सिचाई विभाग के एक्सईएन नवतेज सिंह ने बताया कि पहाड़ों में बारिश होने से हथनी कुंड बैराज से लगभग दो लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने की सूचना है। विभाग ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। किसानों को खेतों में न जाने की हिदायत दी गई है।
किसान उतारने लगे मोटरें
इंद्री। इंद्री क्षेत्र के यमुना के साथ लगते करीब आठ गांवों के खेतों में पानी पहुंचने लगा है। जिससे ग्रामीण चिंतित हैं। खेतों से किसानों ने अपनी मोटरें और अन्य सामान उतारना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के गांव कलसौरा, जबती छपरा, गढ़पुर, नबियाबाद गुरुद्वारा सहित अन्य गांवों के खेतों में थोड़ा बहुत पानी आया है। किसान तेजपाल, आजाद सिंह, गुलजार सिंह, जसविंद्र ने बताया कि उनके खेत में गन्ना और धान लगा हुआ था। पानी आने से खेतों में खड़ी फसल खराब होने का अंदेशा है। हालांकि अभी जलस्तर कम है। संवाद