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Karnal News: स्टेट हाईवे पर सात-सात मीटर चौड़ी सीसी रोड का लगा काम

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यमुनानगर/ रादौर। स्टेट हाईवे (कुरुक्षेत्र-सहारनपुर) पर रादौर में क्षतिग्रस्त हिस्से पर सीसी (सीमेंट-कंकरीट)रोड बनाने का काम शुरू हो गया। करीब सात करोड़ खर्च के अनुमान पर पीडब्ल्यूडी ने यह कार्य अनाज मंडी समीप सर छोटू राम चौक पर लगा दिया है, जो दो माह में पूरा होने की संभावना है। यानी मानसून की बारिश से पहले रादौर व यमुनानगर जिले सहित यहां से निकलने वाले अन्य जिलों व राज्यों के लोगों को क्षतिग्रस्त मार्ग की दिक्कत से छुटकारा मिल सकता है।
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पीडब्ल्यूडी से जेई इशांत शर्मा व जेई अभिषेक ने बताया कि दोनों ओर सात-सात मीटर की सीसी रोड बनाई जाएगी, वहीं दोनों ओर सड़क से नाले तक खाली जगह में टाइलें बिछाई जाएंगी। साथ ही सड़क के बीच डेढ़ मीटर चौड़ा नया डिवाइडर बनाया जाएगा। जिस पर नगर पालिका की ओर से फिर से स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए टावर पॉल लगाए जायेंगे। पूरा प्रयास है कि जल्द रोड निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसे बनाने में 38 एमएम की मोटी लोहे की रॉड व 12 एमएम का सरिया डाला गया है। पहले से करीब एक फीट ऊंची सड़क तैयार की जा रही है।

विधानसभा में भी उठ चुका रोड का मामला
रादौर में स्टेट हाइवे के क्षतिग्रस्त हिस्से का मामला हरियाणा विधानसभा में भी उठ चुका है। जिसे रादौर विधायक डॉ. बीएल सैनी ने रादौर सड़क के चोरी होने की बात कही। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण के लिए अन्य राजनीतिक दलों से लेकर भारतीय किसान यूनियन ने भी प्रदर्शन किए। क्योंकि रोड से न सिर्फ रादौर बल्कि जिले सहित अन्य राज्यों को भी ट्रैफिक निकलता है, जिसे क्षतिग्रस्त मार्ग पर गड्ढों के साथ जाम की भी दिक्कत से दो चार होना पड़ा।
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यमुनानगर में सीसी रोड का काम टेंडर में लटका
यमुनानगर शहर में भी स्टेट हाईवे (कुरुक्षेत्र-सहारनपुर) पर विश्वकर्मा चौक से जोड़ियों तक 2.18 किमी. हिस्से में सीसी (सीमेंट-कंकरीट) रोड बननी है, पर यह काम अभी भी टेंडर में लटका है। इसे पहली बार तीन मार्च को लगे टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। क्योंकि बिड करने वाली दो फर्मों के दस्तावेजों में कमी मिली और सिंगल फर्म ही रह गई। इस पर दूसरी बार टेंडर कर 11 मई तक बिड मांगी गई है। किंतु यह प्रक्रिया पूरी होने तक मानसून की बारिश होने की आशंका है, जिसमें यह काम लटक सकता है। इस कारण स्थानीय लोग अभी रोड पर पैचवर्क कर वैकल्पिक प्रबंध किए जाने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि हाईवे से 24 घंटे वाहनों की आवाजाही है और विश्वकर्मा चौक से जोड़ियों तक दोनों ओर क्षतिग्रस्त रोड पर एक से तीन इंच गहरे व एक से तीन फीट चौड़े गड्ढे हैं। कई जगह रोड पर बजरी पूरी तरह बिखर चुकी है। बारिश में गड्ढों का पता नहीं चलता और निकलने वाले खासकर भारी वाहन पलट जाते हैं। इन हालात में यहां ट्रैफिक जाम और हादसे की आशंका है। इस बारे पीडब्ल्यूडी एक्सईएन नवीन खत्री ने कहा कि टेंडर से ही सीसी रोड बनाने का काम होना है, जो रिकॉल कर दिया है।
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