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Karnal News: महिलाओं को समानता के अधिकार की दरकार

Sat, 26 Aug 2023 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। महिलाओं को समानता का अधिकार दिलाने और समाज में उनकी स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से महिला समानता दिवस 26 अगस्त को मनाया जाएगा। अमर उजाला की ओर से महिला समानता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को सेक्टर आठ के श्रीराम मंदिर में अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं ने समानता का अधिकार दिए जाने को लेकर खुलकर अपने विचारों का साझा किया।
महिलाओं का मानना है कि कानून तो बहुत बने हैं लेकिन वास्तव में अभी भी महिलाओं को समानता का अधिकार सही तरीके से प्राप्त नहीं हो पाया है। शिक्षा हो या रोजगार के अवसर, कानूनी अधिकार की बात हो या फिर सामाजिक सुरक्षा के मामले, इन सभी में घरों से लेकर कार्यालयों तक कहीं न कहीं असमानता दिख ही जाती है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का अभाव है, जबकि महिलाएं शिक्षा की ओर अग्रसर है।
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हालांकि पहले से काफी बदलाव आया है और महिलाओं ने घर की दहलीज लांघ कर खुद को साबित किया है। आज महिलाएं सेना में भी खुद को पुरुषों के समान साबित करने में जुटी हैं। महिला समानता दिवस मनाने की शुरुआत तब हुई जब एक देश में महिलाओं को मतदान का अधिकार तक नहीं था। महिला समानता के अधिकार 26 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 1920 के बाद से हुई।
बराबरी का दर्जा नहीं मिला
आज भी महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा नहीं मिला पाया है, जबकि समानता अधिकार मिले तो वह भविष्य में मुकाम हासिल कर सकती है। घरों से बाहर निकलने में भी पाबंदी है। - सुनीता कथूरिया, सेक्टर आठ
महिलाओं में शिक्षा का अभाव
आज भी गांवों में महिलाओं में शिक्षा का अभाव है। वह पढ़ना चाहती है, मगर परिवार के लोग शादी करा देते है। ससुराल में भी उनको पढ़ने नहीं दिया जाता। - अनु, सेक्टर आठ
समानता का अधिकार मिलना जरूरी
समानता का अधिकार महिलाओं को मिलना बहुत जरूरी है। अगर यह अधिकार मिलेगा तो समाज में महिलाएं खुद की अलग पहचान बना सकती है। - सुनैना मदान, सेक्टर आठ
तमाम पाबंदियां आज भी
पुरुषों की अपेक्षा आज भी महिलाओं को उनका दर्जा नहीं मिल पाता है। ससुराल में जाकर बेटी के पढ़ाई और नौकरी करने के सपने साकार नहीं हो पाते है। महिलाओं के लिए तमाम पाबंदियां आज भी है। - सरोज गुप्ता, सेक्टर आठ
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भेदभाव नहीं होना चाहिए
महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। अभिभावकों को महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहिए। क्योंकि बेटी के समाज में कुछ अलग करने के सपने भी होते है। - वीना ग्रोवर, सेक्टर आठ
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