करनाल। जुंडला गेट स्थित मस्त गिरी अखाड़े में 31 दिनों से महंत प्रह्लाद गिरी महाराज की पंचधुनी अग्नि तपस्या का वीरवार सुबह हवन पूर्ण आहुति के साथ विश्राम दिया गया। वीरवार सुबह उत्तराखंड से पहुंचे 11 ब्राह्मणों ने मंत्रों का उच्चारण कर विश्व कल्याण की कामना की गई। आचार्य गोविंद पंत शास्त्री के अनुसार 11 दिन तक चले इस महारुद्र यज्ञ में श्रद्धालुओं ने 2 लाख 16 हजार 131 आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना की। तपस्या के विश्राम अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से साधू संत, जोगी और जंगमजोगी पहुंचे। संवाद