- रात 12 बजे खुलता है पोर्टल, लोगों के लिए बनी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रदेश सरकार की ओर से सभी जिलों में सरल केंद्र का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था मगर हालात विपरीत हैं। सरल केंद्र की अपॉइंटमेंट लेने के लिए अब आपको रातभर जागना पड़ेगा। पोर्टल पर ई-अपॉइंटमेंट लेना अब जटिल हो गया है। सरल हरियाणा की वेबसाइट पर रात 12 बजे के बाद ही अपॉइंटमेंट बुक होती है।
जिले में इस समय पांच तहसीलों के साथ-साथ करनाल शहर में अंत्योदय भवन व सरल केंद्र बनाया गया है। यदि व्यक्ति को अपना वाहन पंजीकरण, शादी पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, रिहायशी प्रमाणपत्र व वाहन से संबंधित किसी भी प्रकार का कार्य हो तो उसे सरल केंद्र में जाना पड़ता है। सरल केंद्र में फाइल जमा करवाने के लिए पहले अपॉइंटमेंट लेना जरूरी है। इसके लिए सरल हरियाणा की वेबसाइट की दाहिनी ओर बुक अपॉइंटमेंट फॉर सरल केंद्र का विकल्प दिया गया है लेकिन लिंक के माध्यम सरल केंद्र की अपॉइंटमेंट देर रात 12 बजे के बाद ही खुलती है।
लोगों की सुविधा के लिए बनाया था लिंक
एनआईसी की ओर से लोगों की सुविधा के लिए सरल हरियाणा की वेबसाइट पर यह लिंक बनाया गया था। इससे पहले सभी केंद्रों की अपॉइंटमेंट सरल केंद्र के हेल्प डेस्क पर दी जाती थी। इस सुविधा से लोगों को भी कोई परेशानी नहीं थी। अब यह लिंक लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। लघु सचिवालय के भूतल पर बने सरल केंद्र में फाइल जमा करवाने आए राजेश, संदीप, मुकुल व विक्रमजीत सिंह का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से उनकी अपॉइंटमेंट बुक नहीं हो पा रही है, इस कारण से उनकी फाइल भी जमा करवाने के लिए देरी होती जा रही है। यह स्थिति देखकर तो सरल केंद्र में फाइल जमा कराना टेड़ी खीर बन गया है।
जल्द किया जाएगा सुधार
सरल केंद्र की अपॉइंटमेंट लेने के लिए प्रदेशभर में सरल हरियाणा की वेबसाइट पर लोगों की सुविधा के लिंक उपलब्ध करवाया गया है। यह सुधार सरल केंद्र में जमा होने वाली फाइलों में पारदर्शिता लाने के लिए किया गया है। इससे पहले अपॉइंटमेंट के लिए लाइनों में लगना पड़ता था और कोई भी बाहरी व्यक्ति व डीलर वाहन की एनओसी निकलवा लेता था। अब इसे व्यक्ति के परिवार पहचान-पत्र से जोड़ दिया गया है, जिससे उसी जिले का वहीं व्यक्ति अपॉइंटमेंट लेगा जिसका काम है। इस सुविधा से दलालों पर नकेल कसेगी। सरल हरियाणा वेबसाइट पर देरी से अपॉइंटमेंट होने की समस्या का जल्द सुधार कर दिया जाएगा।
- महिपाल सीकरी, डीआईओ