Atta chakki par laga anaaj ke bags ki line
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करनाल। लॉकडाउन के चलते शहर में आटा चक्कियों पर अनाज के बैग के ढेर लग गए हैं। इन इकाईयों के लिए समय निर्धारित होने के चलते संचालक अधिक समय तक यूनिट को नहीं चला रहे। जिस कारण रिहायशी इलाके में लोगों को समय पर आटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा। शहर के ये वह लोग हैं जो वर्ष भर की जरूरत अनुसार गेहूं खरीदकर अपने घर में सुरक्षित भंडारण कर लेते हैं और उसे अच्छे से साफ-सुथरा करके समीप लगती चक्की में पिसवाते हैं। 23 मार्च को आकस्मिक लॉकडाउन होने के चलते आटा चक्कियों भी बंद हो गई थी। बाद में प्रशासन ने लोगों की अहम जरूरत को देखते हुए इन्हें चलाने की अनुमति दी थी। कुंजपुरा रोड स्थित एक आटा चक्की के संचालक का कहना है कि सुबह नौ से 12 बजे तक ही चक्की चला रहे हैं। इतने समय में सभी के अनाज की पिसाई संभव नहीं हो पाती। पांच से दस किलो व 15 किलोग्राम गेहूं की पिसवाई करवाने वाले चक्की पर आते हैं। निर्धारित समय में सभी के अनाज की पिसाई संभव नहीं हो पाती। जिस कारण दुकान में गेहूं के बैग के चट्टे लग गए हैं। शहर की लगभग हरेक चक्की में यही स्थिति है। उनके लिए प्रशासन के आदेश सर्वोपरि हैं। उनका यह भी कहना है कि चक्की की दुकान पर सामान्य दिनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहती है। क्योंकि इन पर ज्यादा ग्राहक आते ही नहीं और ग्राहकों के आने व जाने के समय में काफी अंतराल बना रहता है। उनकी प्रशासन से अपील है कि यदि उचित समझे तो चक्की वालों के समय में बढ़ोतरी की जाए। वर्जन आटा चक्की पर सामान्य हालात में भी सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहने और इन इकाईयों पर आ रही समस्या पर संज्ञान लेंगे। समय में बढ़ोतरी करने की बात पर विचार किया जाएगा। इस मामले को लेकर अथॉरिटी से बात की जाएगी। विचार-विमर्श के बाद जो भी निर्णय लिया जा सकेगा उसे लागू कर दिया जाएगा। -- नरेंद्र पाल मलिक, एसडीएम, करनाल।