माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आम बजट में महिला सशक्तिकरण को लेकर काफी जोर दिया गया है। महिलाओं को खेल व राजनीति में सशक्त करने के लिए सुषमा स्वराज पुरस्कार की घोषणा हो या कई नए कॉलेज की स्थापना, साथ ही मातृशक्ति उद्यमिता योजना जैसे सराहनीय कदम से युवाओं में उत्साह नजर आया। जिसको लेकर कुछ युवाओं से बात की तो अधिकतर युवतियों ने बजट को लेकर खुशी जाहिर की लेकिन कुछ मामलों में कहा कि अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है।
शहरों की कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास की सरकार द्वारा व्यवस्था करने का प्रस्ताव शानदार कदम है।
- ऊषा यादव
महिला शक्ति को और सुदृढ़ बनाने और उन पर होने वाले अत्याचारों पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाने हाेंगे तभी महिला सशक्त: होंगी।
- प्रिया
गरीब परिवार के बच्चों को जो कम पढ़े लिखे हैं, उन्हें नए-नए कामों के प्रशिक्षण देने चहिए जो कि बजट में शामिल नहीं किया गया।
- अंजली
पढ़ने वाली लड़कियों को पढ़ाई के लिए घरों से बहुत दूर जाना होता है। सरकार द्वारा नए कॉलेज खोलने का निर्णय सराहनीय कदम है।
- निशा
युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार द्वारा उढ़ाए जा रहे कदम युवाओं को रोजगार से जोड़ने में अहम भूमिका अदा करेंगे।
- मंजू
आंगनबाड़ी वर्कर्स की मासिक आय को बढ़ाया जाए जिसकी आज के समय में बहुत ज्यादा जरूरत है लेकिन यह बजट में शामिल नहीं किया गया।
- वर्षा मान
युवाओं को खेल व राजनीति के क्षेत्र में सुषमा स्वराज के नाम से शुरू किया गया पुरस्कार युवाओं में ऊर्जा का संचार करेगा
- प्रिया दहिया
सरकार द्वारा मातृ शक्ति उद्यमिता योजना तो ठीक है लेकिन तीन लाख आय की बाध्यता कुछ नया करने की सोच रखने वाले युवाओं को रोकेगी।
- वीना
यदि सही मायने में बेटियों को आगे बढ़ाना है तो सामान्य वर्ग की पढ़ी-लिखी लड़कियों और महिलाओं का सरकारी नौकरी में दायरा बढ़ाए जाए।
- तमन्ना शर्मा