संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सेक्टर-13 में आयोजित श्रीराम कथा में साध्वी जयंती भारती ने कहा कि राम के जीवन पर आधारित अनेकों ग्रंथ हैं, परंतु श्री रामचरित मानस अपने आप में उल्लेखनीय है। श्री रामचरित मानस के सातों कांड प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रेरणा देते हैं। ये एक मोतियों की माला जैसी है और प्रत्येक कांड एक-एक मनका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कांड के पीछे कोई न कोई आध्यात्मिक रहस्य है। महापुरुषों की लीलाएं अलौकिक होती है। भक्त सूरदास नेत्रहीन थे, परंतु उन्होंने प्रभु की लीलाओं का कैसे व्याख्यान किया। क्योंकि उन्होंने अपने घट में देखा था। हमें मानव तन ईश्वर का साक्षात्कार करने के लिए मिला है। इसकी तुलना नौका के समान की गई है। यदि हमने परमात्मा को जाना नहीं, उसकी भजन बंदगी न की तो फिर हम भवसागर से पार कैसे हो पाएंगे। इस अवसर पर कैलाश गुप्ता, रणधीर संधू, प्रेमपाल भी उपस्थित रहे।