संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ग्रामीण कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। धरने पर बैठे ग्रामीण सफाईकर्मियों, ग्रामीण चौकीदारों व ट्यूबवेल संचालकों ने कहा कि वह तीन दिन के सांकेतिक धरने पर बैठे है। यदि सरकार ने इस तुगलकी फरमान को वापिस नहीं लिया तो वह बड़े आंदोलन की ओर रुख करेंगे।
कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए एलान किया कि बुधवार को इसके विरोध में सरकार का पुतला भी जलाया जाएगा। ग्रामीण कर्मचारियों की मांग है कि इस ऑनलाइन हाजिरी के जारी मोबाइल एप को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। कर्मचारियों की हाजिरी संबंधित ग्राम सचिव व सरपंच के माध्यम से सत्यापित न करवाकर, इस कार्य के लिए कई गांवों का एक जोन बनाया जाए।
एक जोन का एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाए जो इन कर्मचारियों में से ही अच्छा पढ़ा-लिखा हो तथा कागजी कार्रवाई जानता हो। इस दौरान ग्रामीण कर्मचारियों को सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान सुशील गुज्जर, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, सीटू जिला सचिव जगपाल राणा, ओपी माटा, कामरेड, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान जोंगिद्र सिंह, राज्य नेता दलजीत ने आदि ने संबोधित किया।
नेताओं आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार कच्चे कर्मचारियों का शोषण कर रही है। गांव में काम करने वाले इन कर्मियों को सरकार मामूली मानदेय देकर काम करवा रही है। अब ग्रामीण कर्मचारियों की हाजिरी सत्यापित करवाने के लिए भी सरपंच व ग्राम सचिव के चक्कर लगाने होंगे।