करनाल। ट्रामा सेंटर से वायरल पीड़ित बच्ची को बिना जांच रेफर करने के मामले की जांच होगी। अमर उजाला ने 13 मार्च के अंक में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसका संज्ञान लेकर सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। सिविल अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेणू चावला को पत्र लिखकर मामले की जांच करने को कहा गया है। इसके लिए पीएमओ ने तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित कर दी है। रविवार को सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में दोपहर को एक एंबुलेंस में दो महिलाएं और एक पुरुष बच्ची को लेकर आए थे। जिसे कई दिनों से तेज बुखार, खांसी व जुकाम था। जिसकी तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद वे इंद्री से एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पहुंचे थे। ट्रामा सेंटर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बिना मरीज को देखे चालक को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाने को कहा था। उसके बाद वे बच्ची को मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में ले गया। जहां उसका इलाज शुरू किया गया।
वर्जन
सिविल सर्जन कार्यालय से मामला उनके संज्ञान में आया है। जिसके बाद तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित कर जांच की जा रही है। दोषी मिलने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रेणू चावला, पीएमओ, सिविल अस्पताल