करनाल। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान ने गांव राहड़ा में कार्यक्रम का आयोजन किया। ग्रामीणों को पराली जलाने के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया। निदेशक डाॅ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पराली जलाने से केवल मिट्टी की उर्वरता समाप्त नहीं बल्कि यह प्रदूषण का कारक भी बनता है। उन्होंने बताया कि आईएसएपी किसानों को पराली प्रबंधन और टिकाऊ खेती करने के लिए लगातार सहयोग दे रहा है। ग्रामीणों ने पराली न जलाने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सरपंच प्रतिनिधि रणदीप, नरेंद्र राणा, रिंकल राणा, बबली राणा और मंदीप राणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद