बैठक को संबोधित करते हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान। सूचना विभ
नीलोखेड़ी/ करनाल। गांव केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मा का केंद्र है। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने शुक्रवार को संस्थान में चल रहे मेरा गांव-मेरी धरोहर विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से आए ग्राम सचिवों ने भाग लिया। डॉ. चौहान ने कहा कि गांवों की धरोहर को संरक्षित करना केवल अतीत को सहेजना नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास और धरोहर दोनों साथ-साथ चलें, तभी समग्र ग्रामीण विकास साकार होगा। कार्यक्रम समन्वयक विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा से साक्षी और संस्थान से डॉ. सुशील मेहता रहे। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से कंसलटेंट गुरबिंद्र सिंह, विकास और पंचायत विभाग से प्रोग्रामर हिमांशु, ग्राम सचिव भगत सिंह, साहिल व आदि मौजूद रहे। संवाद