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Karnal News: प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की हुई वीडियो रिकाॅर्डिंग

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सीईटी : दोनों चरणों में 27,890 ने दी परीक्षा, 16,197 रहे गैर-हाजिर
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संवाद न्यूज एजेंसी



करनाल। जिले में रविवार को आयोजित सीईटी नकल रहित व शांतिपूर्ण संपन्न हुई। सुबह के सत्र में रोल नंबर सत्यापन के लिए एक केंद्र के प्रवेश द्वार के सामने पांच से छह काउंटर बनाए गए थे। इसके अलावा ऑफ लाइन सत्यापन के लिए दो मशीनें लगी थीं। जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। प्रवेश पत्र के सत्यापन के बाद ही अभ्यर्थियों को कक्ष में जाने की अनुमति दी गई। परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक छात्र की वीडियो रिकाॅर्डिंग की गई। प्रत्येक जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। कक्ष में प्रवेश करने से पहले कई जगहों पर प्रवेश पत्र की जांच की गई। इस दौरान अगर किसी अभ्यर्थी का प्रवेश पत्र सत्यापित नहीं हुआ तो उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।



रविवार को आयोजित परीक्षा में सभी 50 केंद्रों पर दोनों सत्रों में 27,890 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 16,197 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इनमें से सुबह के सत्र में 22,019 अभ्यर्थियों में से 13,916 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 8,103 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं सायं के सत्र में 22,068 अभ्यर्थियों में से 13,974 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 8094 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि रविवार को सुबह के सत्र में 10 से 11.45 बजे तक और सायं के सत्र में दोपहर बाद तीन बजे से 4.45 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई। दोनों सत्रों में 63.2 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित और 36.8 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षाओं के लिए एसडीएम घरौंडा अदिति को नोडल अधिकारी बनाया गया था।
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ऑनलाइन दर्ज नहीं हुई उपस्थिति



परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। ऐसे परीक्षार्थियों की उपस्थिति ऑफ लाइन मशीन से फोटो खींच कर की गई। उपस्थिति दर्ज करने वाले एक अधिकारी का कहना था कि यह डिवाइस सर्वर से जुड़ा है। फोटो खींचने के बाद वह सीधे सर्वर में जाकर सुरक्षित हो जाता है।
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महिलाओं की जांच के लिए अलग व्यवस्था



परीक्षा केंद्र में महिला अभ्यर्थियों के जांच के लिए अस्थाई कक्ष बनाए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर करीब चार से पांच महिला पुलिस कर्मचारी तैनात थी। महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में चूड़ी, सोने की चेन, अंगूठी और कान की बाली तक पहनकर जाने की स्वीकृति नहीं थी। इसे रखने के लिए मुख्य गेट पर ही कक्षा बना था।
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