डीसी ने नगरपालिका उपप्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके बाद जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है और उपाध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने की दौड़ में कई पार्षद शामिल हो गए हैं। नगरपालिका उपप्रधान कंवलजीत सिंह प्रिंस ने अपना वायदा पूरा करते हुए सात जुलाई को जिला उपायुक्त कार्यालय में इस्तीफा दे दिया था। दो सप्ताह बाद डीसी ने उपप्रधान के इस्तीफे को स्वीकार किया है। इस संबंध में कार्यालय की ओर से नगरपालिका घरौंडा को पत्र व्यवहार किया गया है। नगरपालिका प्रधान और उपप्रधान पद को लेकर पार्षदों ने तत्कालीन चेयरमैन सुभाष गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया था। जिसके बाद सुभाष गुप्ता को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। चेयरमैन और उपचेयरमैन पद को लेकर पार्षदों के बीच करार हुआ था। जिसमें वार्ड-16 पार्षद प्रोमिला देवी को प्रधान और वार्ड-10 पार्षद रामसिंह को उपप्रधान बनाया जाना था। करार के तहत मौजूदा चेयरमैन अमरिक सिंह और उपप्रधान कंवलजीत प्रिंस को 16 मार्च को अपने-अपने पदों से इस्तीफा देना था। लेकिन दोनों ने वायदा अनुसार इस्तीफा नहीं दिया तो पार्षदों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई। पार्षदों ने प्रधान व उपप्रधान को उनके वायदों से अवगत करवाया। लेकिन प्रधान ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। वहीं उपप्रधान ने वायदा पूरा कर 7 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। उपप्रधान पद को लेकर पार्षद दो खेमों में बंटे हैं। दोनों गुट अपना बहुमत पूरा करने के लिए पार्षदों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए जोड़तोड़ में लगे हैं।
वाइस चेयरमैन कंवलजीत सिंह का इस्तीफा डीसी निशांत कुमार ने मंजूर कर लिया है। जिला उपायुक्त के निर्देश पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-रविप्रकाश शर्मा, सचिव नगरपालिका घरौंडा