- अनुपस्थित रहने पर जुर्माना लगने से भड़के दयाल सिंह कॉलेज के विद्यार्थी, दिया धरना
- पांच सौ से चार हजार रुपये तक लगा जुर्माना, प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद एक सेमेस्टर का जुर्माना माफ
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दयाल सिंह कॉलेज में कक्षाओं से अनुपस्थित रहने पर एक साल का जुर्माना लगने का नोटिस मिलने पर विद्यार्थी भड़क गए। करीब तीन घंटे तक कॉलेज मैदान, प्रशासनिक खंड और प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने तो पुलिस बुलानी पड़ी। मजबूरन कॉलेज प्रबंधन को आधा यानी दो में से एक सेमेस्टर का जुर्माना माफ करना पड़ा, इसके बाद विद्यार्थी शांत हुए।
करीब तीन घंटे तक कॉलेज में विद्यार्थियों ने हंगामा किया। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने कक्षाएं भी नियमित लगाईं। इसके बाद भी कॉलेज की ओर से पांच रुपये प्रतिदिन प्रति कक्षा अनुपस्थित रहने के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना की सूची भी नोटिस बोर्ड पर मनमाने तरीके से बनाई गई है। भीड़ ने पहले मैदान में जुटकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रिंसिपल कार्यालय की ओर कूच किया।
यहां पर पूरा कॉलेज मैदान में देखकर प्राध्यापक भी उन्हें मनाते हुए नजर आए लेकिन उनकी विद्यार्थियों ने एक न सुनी। विद्यार्थियों ने पूरा जुर्माना माफ करने की मांग उठाई। जिसे कॉलेज प्रबंधन ने भी नकार दिया। मैदान में धरना देने के बाद जब विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए यहीं डटे रहने का एलान किया तो कॉलेज प्रबंधन को सिविल लाइन थाने से पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में प्रिंसिपल आशीमा गक्खड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर समझाए नियम
पुलिस की मौजूदगी में विद्यार्थियों को सभागार में भेजा गया। वहां से छात्र प्रतिनिधिमंडल के रूप में 10 विद्यार्थियों की प्रिंसिपल कार्यालय में प्रिंसिपल के साथ वार्ता हुई। जहां उन्हें नियमों की जानकारी दी। प्रिंसिपल ने बताया कि बच्चों के आग्रह पर और आर्थिक बोझ को देखते हुए पिछले सेमेस्टर में जुर्माना नहीं लगाया गया था, अब उन्हें पूरे वर्ष का जुर्माना देना होगा। बाद में प्रतिनिधिमंडल के आग्रह और प्रबंधन से चर्चा के बाद प्रिंसिपल ने बताया कि ओड सेमेस्टर की कक्षाओं का जुर्माना माफ किया है, लेकिन ईवन सेमेस्टर की अनुपस्थिति का जुर्माना विद्यार्थियों को देना होगा।
बोले, इतनी फीस नहीं जितना जुर्माना बना दिया
विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज में करीब तीन हजार विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। लगभग सभी विद्यार्थियों पर अनुपस्थिति का जुर्माना लगाया गया है। किसी का न्यूनतम पांच सौ रुपये का जुर्माना है तो किसी को तीन से पांच हजार रुपये तक के जुर्माने का नोटिस थमाया गया है। उनका आरोप है कि इतनी तो फीस भी नहीं ली, जितना जुर्माना रख दिया गया है। कई विद्यार्थी तो फीस भी किश्तों में देते हैं। ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर इस तरह का जुर्माना बोझ बनता है। कॉलेज प्रबंधन को पूरा जुर्माना माफ करना होगा। विद्यार्थियों ने प्राध्यापकों के पढ़ रहे बच्चों पर जुर्माना न लगाने का आरोप भी लगाया है।
प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय के नियम समझाए गए। विद्यार्थियों का ओड सेमेस्टर का जुर्माना माफ किया गया है। यदि जुर्माना नहीं लगाएंगे तो विद्यार्थियों को कक्षा की अनुपस्थिति पर कार्रवाई का कोई डर नहीं रहेगा। अनुशासन बनाए रखने के लिए जुर्माने का प्रावधान है। जो विद्यार्थी ज्यादा कक्षाओं से अनुपस्थित रहे हैं, उनका जुर्माना ही ज्यादा लगा है। प्रत्येक विद्यार्थी की कक्षा उपस्थिति का कॉलेज के पास पूरा रिकाॅर्ड है।
- आशीमा गक्खड़, प्रिंसिपल, दयाल सिंह कॉलेज