संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। अब मेडिकल काॅलेज में ही गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रसाउंड किए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग की दो महिला डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड करने की इजाजत दे दी हैं।
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में फरवरी 2022 के पहले सप्ताह तक ही रेडियोलॉजिस्ट थी। इसके बाद उनका अन्य किसी जिले में ट्रांसफर हो गया। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर धक्के खाकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे थे।
इसके अलावा जिन मरीजों के पास अल्ट्रासाउंड करवाने तक के भी रुपये नहीं थे वे सिविल अस्पताल में 15 से 30 दिनों की वेटिंग के बाद ही उनके अल्ट्रासाउंड हो पा रहे थे। वहीं जिन मरीजों को अधिक समस्या हो रही थी उन्हें मजबूरी में एक हजार से 1500 रुपये तक देकर अपने अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे थे।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा देने के लिए अपने तीन डॉक्टरों की फाइल स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन कार्यालय में भेजी थी। इनमें से दो डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए प्रमाणपत्र दिया है। इनमें गायनी विभाग की डॉ. अर्चना व डॉ. ईशा का नाम शामिल है। वहीं एक डॉक्टर के दस्तावेजों में कमी के चलते प्रमाणपत्र रद कर दिया गया।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से अल्ट्रासाउंड करने की इजाजत देने के लिए कुछ डॉक्टरों की फाइल आई थी, जिनमें से दो डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड करने का प्रमाणपत्र सौंपा गया है। - डाॅ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, करनाल।